नंदी पार्क पहुंचीं दुग्ध आयुक्त, 1900 गोवंश की व्यवस्था देख बोलीं- यूपी की मॉडल गौशाला में शामिल करने योग्य

Rashtriya Shikhar
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Nandi Park Visited by Milk Commissioner; Impressed by Arrangements for 1,900 Cattle, She Says It Deserves to Be Included Among UP’s Model Cow Shelters IMAGE CREDIT TO नगर निगम

———औचक निरीक्षण में चारा-पानी, चिकित्सा और गोबर प्रबंधन की ली जानकारी, क्षमता विस्तार की भी हुई समीक्षा

गाजियाबाद (शिखर समाचार)। गाजियाबाद नगर निगम द्वारा संचालित नंदी पार्क गौशाला का उत्तर प्रदेश की महानिदेशक मत्स्य पालन एवं दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. ने औचक निरीक्षण किया। गौशाला में निराश्रित गोवंशों के रहने, खाने-पीने और चिकित्सा सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद उन्होंने नगर निगम की टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में निराश्रित गोवंशों की बेहतर देखभाल की व्यवस्था नंदी पार्क गौशाला को उत्तर प्रदेश की मॉडल गौशालाओं में शामिल करने योग्य बनाती है।

गोवंशों की व्यवस्थाओं का लिया जायजा

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निरीक्षण के दौरान दुग्ध आयुक्त ने गौवंशों के आश्रय स्थल, चारा-पानी और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मौके पर मौजूद उप मुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. अनुज और उनकी टीम को व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने गोबर के निस्तारण के साथ-साथ उसके उपयोग को बढ़ाने के लिए प्रभावी योजना तैयार करने पर भी जोर दिया।

चिकित्सा, टीकाकरण और टैगिंग पर जोर

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पशुपालन विभाग की टीम और संबंधित अधिकारियों को गोवंशों की नियमित चिकित्सा, टीकाकरण, बधियाकरण तथा पहचान के लिए टैग लगाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान गोबर से संबंधित उत्पादों और प्राकृतिक रंग के बारे में भी जानकारी साझा की गई। साथ ही पशुपालकों से अपील की गई कि वे अपने गोवंशों को सड़कों पर निराश्रित हालत में न छोड़ें।

1900 से अधिक गोवंशों को मिल रहा आश्रय

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नंदी पार्क गौशाला में वर्तमान में लगभग 1900 से अधिक निराश्रित गोवंश आश्रय ले रहे हैं। बढ़ती संख्या को देखते हुए नगर निगम द्वारा गौशाला की क्षमता बढ़ाने का कार्य भी तेजी से कराया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान क्षमता विस्तार के कार्य और भविष्य की व्यवस्थाओं को लेकर भी चर्चा की गई।

नगर निगम की टीम के प्रयासों की सराहना

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डॉ. अनुज ने बताया कि दुग्ध आयुक्त ने गौशाला में निराश्रित गोवंशों के पालन-पोषण की व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी ली और गोबर के बेहतर निस्तारण एवं उपयोग पर भी चर्चा की। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त और नगर निगम की टीम द्वारा की जा रही व्यवस्थाओं पर दुग्ध आयुक्त ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए व्यवस्थाओं को और मजबूत करने के निर्देश दिए।

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