नवजात शिशुओं की खरीद फरोख्त के फरार 1 अभियुक्त को पुलिस ने किया गिरफ्तार

Rashtriya Shikhar
3 Min Read
Police Arrests One Absconding Accused Involved in the Illegal Sale and Purchase of Newborn Babies IMAGE CREDIT TO: पुलिस

गाजियाबाद (शिखर समाचार)। थाना ट्रोनिका सिटी पुलिस और स्वाट टीम ग्रामीण जोन को मानव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने नवजात शिशुओं की खरीद फरोख्त करने वाले गिरोह के फरार सदस्य प्रदीप मेहता को गिरफ्तार कर लिया है। अभियुक्त बिहार के मधेपुरा जनपद का निवासी है और लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहा था। बीती 26 मई 2026 को थाना ट्रोनिका सिटी में एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी नवजात बच्ची को बिना बताए घर से ले जाकर मोनू उर्फ मनोज नामक व्यक्ति को सौंप दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर एक संगठित मानव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया। कार्रवाई के दौरान अपहृत 11 दिन की नवजात शिशु को स:कुशल बरामद कर लिया गया था तथा अब तक इस मामले में 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

पुलिस द्वारा की गई लगातार तलाश के

ALSO READ:https://www.jagran.com/uttar-pradesh/ghaziabad-indirapuram-woman-death-family-halts-last-rites-demands-probe-40199229.html

पुलिस द्वारा की गई लगातार तलाश के बाद फरार चल रहे अभियुक्त प्रदीप मेहता को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वह गिरोह के सदस्यों अनिल लक्कड़, करुण और मनोज उर्फ मोनू के संपर्क में था। गिरोह गरीब परिवारों से बच्चों को कम कीमत पर खरीदकर अधिक धनराशि में बेचने का काम करता था। प्रदीप मेहता का काम नकली नोट तैयार करना था, जिनका इस्तेमाल बच्चों की खरीद-फरोख्त में किया जाता था। गिरोह के सदस्य उसे नकली नोटों के बदले अलग से रकम और बच्चों की बिक्री में हिस्सा देने का लालच देते थे। इसी लालच में आकर वह इस अवैध कारोबार से जुड़ गया। गिरोह के कई सदस्य पकड़े जाने के बाद उसने गिरफ्तारी के डर से नकली नोट छापने वाले अपने प्रिंटर को नष्ट कर नदी में फेंक दिया था। सहायक पुलिस आयुक्त सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि अभियुक्त के खिलाफ संबंधित मुकदमे में विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही उसके आपराधिक इतिहास और गिरोह से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है। मानव तस्करी और नवजात शिशुओं की खरीद-फरोख्त जैसे जघन्य अपराधों में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। मामले में शेष फरार आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

Share This Article
Leave a comment