सात दिवसीय शिशु वाटिका आचार्य प्रशिक्षण वर्ग का शुभारंभ

Rashtriya Shikhar
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The inauguration of a seven-day **Shishu Vatika Acharya Training Camp** has begun, aimed at training teachers for early childhood education and development programs. IMAGE CREDIT TO रिपोर्टर

शामली (शिखर समाचार)। विद्या भारती द्वारा आयोजित सात दिवसीय प्रांतीय शिशु वाटिका नवीन आचार्य प्रशिक्षण वर्ग का शुभारंभ रविवार को सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में श्रद्धा एवं गरिमामय वातावरण के बीच हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन क्षेत्रीय संगठन मंत्री डोमेश्वर साहू, क्षेत्रीय शिशु वाटिका प्रभारी शिव कुमार, प्रांतीय संयोजिका ममता शर्मा, प्रधानाचार्य संजय कुमार सैनी एवं प्रधानाचार्या पल्लवी ऐरन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

गणेश वंदना से हुआ शुभारंभ

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कार्यक्रम का शुभारंभ नन्हे बच्चों द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना से हुआ, जिसने उपस्थित जनों को भावविभोर कर दिया। प्रस्ताविकी प्रस्तुत करते हुए ममता शर्मा ने शिशु वाटिका की आवश्यकता, उद्देश्य एवं महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा बाल शिक्षा में संस्कारयुक्त वातावरण की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

प्रथम सत्र में डोमेश्वर साहू ने शिशु वाटिका की संकल्पना पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रारंभिक शिक्षा बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण की आधारशिला होती है। वहीं द्वितीय सत्र में शिव कुमार ने खेल एवं क्रिया आधारित शिक्षण पद्धति की जानकारी देते हुए बताया कि बालकों को सहज एवं रुचिकर वातावरण में शिक्षा प्रदान करना समय की आवश्यकता है।

प्रशिक्षण वर्ग में व्यापक सहभागिता और विषयगत सत्र

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प्रशिक्षण वर्ग में विभिन्न विद्यालयों से लगभग 85 प्रशिक्षार्थी सहभागिता कर रहे हैं। आगामी सात दिनों तक विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें शिक्षण पद्धति, बाल मनोविज्ञान, संस्कार शिक्षा एवं संगठनात्मक गतिविधियों पर विशेष मार्गदर्शन दिया जाएगा।

रात्रिकालीन सत्र में आचार्यों को विद्यालय की शिक्षण पद्धति, आचार संहिता एवं संगठनात्मक दायित्वों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान अनुशासन एवं उत्साह का वातावरण बना रहा।

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