—–जीडीए की हाईटेक टाउनशिप योजना पकड़ेगी रफ्तार, किसानों ने सौंपी 40 एकड़ से अधिक जमीन
आरव शर्मा
गाजियाबाद (शिखर समाचार)।
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की सबसे महत्वाकांक्षी और भविष्य उन्मुख ‘हरनंदीपुरम आवासीय योजना’ के द्वितीय चरण को लेकर किसानों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। क्षेत्रीय किसानों द्वारा लगातार अपनी जमीनों की सहमतियाँ प्राधिकरण को सौंपी जा रही हैं, जिससे इस मेगा प्रोजेक्ट के विकास कार्यों को एक नई और तीव्र गति मिल गई है।
प्राधिकरण से प्राप्त ताजा आंकड़ों के अनुसार इसी सिलसिले में ग्राम शाहपुर निजमोरटा के किसानों ने आगे आकर लगभग 25 एकड़ से अधिक भूमि की सहमति जीडीए को सौंप दी है। इसके साथ ही, ग्राम नगला फिरोज मोहनपुर में भी पिछले महज तीन दिनों के भीतर लगभग 15 एकड़ कृषि भूमि की सहमति प्राधिकरण को प्राप्त हो चुकी है। किसानों की यह बढ़ती और सक्रिय भागीदारी साफ तौर पर यह दर्शाती है कि क्षेत्र के नागरिक और कृषक इस योजना को गाजियाबाद के सुनियोजित, आधुनिक और चौमुखी विकास का एक बड़ा माध्यम मान रहे हैं।
501 हेक्टेयर में फैलेगा हरनंदीपुरम, सर्वे का काम पूरा
उल्लेखनीय है कि हरनंदीपुरम योजना जीडीए की एक बेहद प्रमुख और दूरगामी आवासीय टाउनशिप परियोजना है। इसे लगभग 501 हेक्टेयर से अधिक के विशाल क्षेत्रफल में दो अलग अलग चरणों में विकसित किया जाना प्रस्तावित है। योजना के ब्लूप्रिंट के अनुसार इस टाउनशिप के अंतर्गत:
आधुनिक सड़क नेटवर्क और सुगम यातायात सुविधाएं।
विशाल हरित क्षेत्र (ग्रीन बेल्ट) और थीम आधारित पार्क।
अत्याधुनिक आवासीय एवं व्यावसायिक सेक्टर।
विश्वस्तरीय जल निकासी व्यवस्था और मजबूत आधारभूत संरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर)।
प्राधिकरण इस पूरी योजना को चरणबद्ध (फेज वाइज) तरीके से विकसित कर रहा है, ताकि जैसे जैसे भूमि उपलब्ध होती जाए, वैसे वैसे सेक्टरवार विकास कार्य तुरंत शुरू किए जा सकें। इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए योजना का टोपोग्राफिकल और सैटेलाइट सर्वे का काम पहले ही पूरा किया जा चुका है। अब इसे एक पूरी तरह हाईटेक और सुव्यवस्थित टाउनशिप के रूप में धरातल पर उतारने की तैयारी है।
उपाध्यक्ष का निर्देश: किसानों से सीधा संवाद और पारदर्शिता हो प्राथमिकता
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योजना की प्रगति को देखते हुए प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने सभी संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उपाध्यक्ष ने कहा है कि अधिकारी किसानों के साथ निरंतर और सीधा संवाद बनाए रखें। किसानों की हर समस्या और उनके सुझावों का प्राथमिकता के आधार पर तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।
इसके साथ ही अधिकारियों को यह भी हिदायत दी गई है कि वे गांवों में जाकर किसानों से सीधा संपर्क स्थापित करें, ताकि सहमति और बैनामा (रजिस्ट्री) की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, सरल और सुगम बनाया जा सके। इससे भू-अधिग्रहण की राह में आने वाली बाधाएं दूर होंगी और विकास कार्यों को और अधिक गति मिलेगी।
गाजियाबाद के भावी विकास का नया हब बनेगी टाउनशिप
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हरनंदीपुरम योजना को आने वाले समय में गाजियाबाद के शहरी और आर्थिक विकास का सबसे प्रमुख केंद्र माना जा रहा है। दिल्ली एनसीआर से बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश की असीमित संभावनाओं के कारण यह योजना क्षेत्र में आवासीय और व्यापारिक गतिविधियों को एक नया आयाम देगी। हाल ही में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में भी हरनंदीपुरम योजना के द्वितीय चरण समेत कई अन्य महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं को आधिकारिक स्वीकृति दी जा चुकी है, जिससे इसके जल्द पूरा होने का रास्ता साफ हो गया है।
