मेरठ (शिखर समाचार)। साइबर अपराधों की रोकथाम और आर्थिक धोखाधड़ी के मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मेरठ रेंज में वर्ष 2026 के दौरान व्यापक अभियान चलाया गया। डीआईजी मेरठ रेंज कलानिधि नैथानी के निर्देशन में 1 जनवरी 2026 से 15 अप्रैल 2026 तक राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर 1962 मोबाइल नंबर और 4106 आईएमईआई नंबर ब्लॉक किए गए। इसके साथ ही 960 म्यूल बैंक खातों को डेबिट फ्रीज कराया गया तथा 3426 शिकायतों का निस्तारण किया गया। साइबर जागरूकता बढ़ाने के लिए कुल 1310 कार्यक्रम आयोजित किए गए।
जनपदवार कार्रवाई का विस्तृत विवरण
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने जनपदवार आंकड़ों को जारी करते हुए बताया कि मोबाइल नंबर ब्लॉक करने में मेरठ में 689, बुलंदशहर में 869, बागपत में 224 और हापुड़ में 180 नंबर ब्लॉक किए गए। आईएमईआई ब्लॉकिंग में मेरठ में 1952, बुलंदशहर में 1877, बागपत में 81 और हापुड़ में 196 नंबर शामिल रहे। म्यूल खातों को डेबिट फ्रीज कराने में मेरठ में 297, बुलंदशहर में 472, बागपत में 62 और हापुड़ में 129 खाते शामिल रहे। वहीं पांच लाख रुपये या उससे अधिक धनराशि के मामलों में कुल 73 प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गईं, जिनमें मेरठ में 27, बुलंदशहर में 38, बागपत में 3 और हापुड़ में 5 मामले शामिल रहे।
शिकायत निस्तारण और जागरूकता अभियान में तेजी
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राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण में मेरठ में 1425, बुलंदशहर में 1348, बागपत में 368 और हापुड़ में 285 शिकायतें निस्तारित की गईं। साइबर जागरूकता कार्यक्रमों के तहत मेरठ में 390, बुलंदशहर में 648, बागपत में 159 और हापुड़ में 113 कार्यक्रम आयोजित किए गए।
सख्त कार्रवाई और जनजागरूकता पर जोर
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डीआईजी कलानिधि नैथानी ने निर्देश दिए हैं कि सभी शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। म्यूल बैंक खातों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की जाए, मोबाइल नंबर एवं आईएमईआई ब्लॉकिंग प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा आमजन को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति निरंतर जागरूक किया जाए। इसके साथ ही संगठित साइबर गिरोह, कॉल सेंटर आधारित अपराध तथा छोटी-छोटी धनराशि के धोखाधड़ी करने वाले गिरोहों के विरुद्ध प्राथमिकता के आधार पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। पीड़ितों की धनराशि वापस दिलाने के लिए न्यायालय के माध्यम से आवश्यक प्रयास करने पर भी जोर दिया गया है।
साइबर ठगी का शिकार होने पर कोई भी नागरिक राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तत्काल शिकायत दर्ज करा सकता है।
