आरव शर्मा
गाजियाबाद (शिखर समाचार)।
डीएम कंपाउंड स्थित विकास भवन में उस समय हंगामा होना शुरू हो गया, जब एक कार्यालय में डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर को अधिवक्ताओं ने उसका अपमान होते हुए देखा। देखते ही देखते मौके पर अधिवक्ताओं का जमावड़ा लग गया और हंगामा की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने अधिवक्ताओं को समझाते हुए मामले को शांत करवाया। वही इस पूरे प्रकरण में अधिवक्ताओं ने तस्वीर का अपमान करने वालों पर सख्त कार्यवाही की मांग भी की है और इस संबंध में पुलिस को लिखित शिकायत दी है।
कार्यालय में लगी तस्वीर को लेकर विवाद
विकास भवन परिसर के प्रोबेशन कार्यालय के एक लिपिक कक्ष में बाबा साहेब की तस्वीर खिड़की के पास बाहर की तरफ लगी हुई थी। तस्वीर पर धूल और गंदगी जमी हुई थी। साथ ही वह उल्टी अवस्था में लगाई हुई थी। इस स्थिति को देखकर अधिवक्ताओं में आक्रोश फैल गया और उन्होंने इसे बाबा साहेब का अपमान बताते हुए विरोध करना शुरू कर दिया।
अधिवक्ताओं का विरोध इतना बढ़ गया कि मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी को शांत कराया। अधिवक्ता हरेंद्र गौतम ने बताया कि 14 अप्रैल को बाबा साहेब का जन्म उत्सव मनाया जाता है और उससे पहले इस तरह की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण व अस्वीकार्य है। बाबा साहेब का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कर्मचारी के खिलाफ तहरीर, कार्रवाई की मांग
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इस मामले में संबंधित सरकारी कर्मचारी जितेंद्र के खिलाफ पुलिस में तहरीर दे दी गई है। बाबा साहेब की तस्वीर को सम्मानपूर्वक वहां से हटा दिया गया है।
अधिवक्ताओं ने कहा कि यदि पुलिस प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो सभी अधिवक्ता एकजुट होकर व्यापक विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और सरकारी कार्यालयों में महापुरुषों के सम्मान को लेकर लापरवाही की जा रही है।
