जिला अस्पताल गेट पर महिला ने दिया बच्चे को जन्म, भाकियू का सीएमओ कार्यालय पर हंगामा

Rashtriya Shikhar
3 Min Read
A woman gave birth to a child at the district hospital gate; BKU members created a ruckus at the CMO office. IMAGE CREDIT TO किसान यूनियन

आरव शर्मा
शामली (शिखर समाचार)।

जनपद के जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक गर्भवती महिला को समय पर भर्ती न किए जाने के कारण उसने अस्पताल के मुख्य गेट पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। घटना के बाद भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के पदाधिकारियों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय पर जमकर हंगामा किया।

रेफर के बाद भी नहीं मिला इलाज

ALSO READ:https://zeenews.india.com/hindi/india/up-uttarakhand/ghaziabad/photo-gallery-gda-decided-in-meeting-10-crossings-widened-and-beautified-in-ghaziabad/2875019

जानकारी के अनुसार कांधला क्षेत्र के गांव असारा निवासी उसमान अपनी पत्नी कौंसर को प्रसव पीड़ा होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कांधला लेकर पहुंचे थे। वहां चिकित्सकों ने महिला की हालत गंभीर बताते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन देर रात महिला को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ नर्स ने ऑपरेशन का हवाला देते हुए भर्ती करने से इंकार कर दिया।

परिजन लगातार अस्पताल स्टाफ से गुहार लगाते रहे, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूर होकर वे महिला को अस्पताल गेट के बाहर ले आए, जहां कुछ ही देर में प्रसव पीड़ा तेज होने पर महिला ने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। इस घटना से परिजनों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।

भर्ती के बाद शुरू हुआ इलाज

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/the-leadership-of-ceo-rakesh-kumar-singh/

बताया गया कि बाद में दूसरी स्टाफ नर्स ने महिला को अस्पताल में भर्ती कर उपचार शुरू कराया। शुक्रवार को इस अमानवीय घटना के विरोध में भाकियू पदाधिकारी सीएमओ कार्यालय पहुंचे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि सीएमओ ने उनकी शिकायत सुनने से इंकार कर दिया, जिससे आक्रोशित किसानों ने कार्यालय का गेट बंद कर दिया और सीएमओ की गाड़ी को भी रोक लिया।

स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस पहुंची और अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत कराया गया। इस दौरान भाकियू नेताओं ने स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले भी कई शिकायतें लंबित हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

Share This Article
Leave a comment