आरव शर्मा
बुढ़ाना/मुजफ्फरनगर (शिखर समाचार)।
क्षेत्र के गांव टांडा माजरा में आयोजित तीन दिवसीय सामवेद खंड महायज्ञ का शुक्रवार को विधिवत समापन हो गया। समापन अवसर पर विद्वानों ने वेदों में निहित ज्ञान और विज्ञान पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उपस्थित श्रद्धालुओं को उसके महत्व से अवगत कराया।
स्वामी सत्यवेश महाराज ने कविता से बांधा समां
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महायज्ञ के दौरान अतिथि के रूप में पहुंचे स्वामी सत्यवेश महाराज ने पंच महायज्ञों पर आधारित सुंदर कविता प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। वहीं सविता आर्य ने वेदों की महिमा का गुणगान करते हुए भजन प्रस्तुत किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और श्रोता मंत्रमुग्ध हो उठे।
आर्य समाज बुढ़ाना के प्रधान प्रवीण राणा ने अपने संबोधन में कहा कि मनुष्य को प्रतिदिन यज्ञ जैसे श्रेष्ठ कर्म करने चाहिए। इससे न केवल आत्मिक उन्नति होती है, बल्कि पर्यावरण भी शुद्ध रहता है। उन्होंने कहा कि सभी को वेदों के अनुसार आचरण करना चाहिए, जिससे पाखंड और अंधविश्वास से दूर रहा जा सके।
संस्कारों को शिक्षा से जोड़ने की अपील
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आचार्य कपिल शास्त्री ने शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को अच्छे संस्कार देने पर जोर देते हुए कहा कि संस्कार ही व्यक्ति को अपनी संस्कृति से जोड़े रखते हैं और समाज को सशक्त बनाते हैं।
कार्यक्रम में रघुराज और अवधेश सपत्नीक यज्ञमान के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर चंद्रपाल सिंह, सोमपाल सिंह, महक सिंह, ओमपाल सिंह, विनोद त्यागी, विजय कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
