नई दिल्ली (शिखर समाचार)।
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने लोकसभा अध्यक्ष Om Birla को पत्र लिखकर संसद की गरिमा और मर्यादा बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया है। यह पत्र लोकसभा अध्यक्ष को हटाने के संबंध में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर लोकसभा में हुई चर्चा और उसके खारिज होने के बाद लिखा गया।
प्रधानमंत्री ने संसद की परंपराओं और नेतृत्व की सराहना की
अपने पत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने अविश्वास प्रस्ताव के दौरान लोकसभा अध्यक्ष द्वारा दिखाए गए धैर्य, संयम और निष्पक्षता की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया भारतीय लोकतंत्र में एक नई राजनीतिक संस्कृति को जन्म देती है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि संसद संवाद, तर्क और विचार-विमर्श का सर्वोच्च मंच है, जहां देश के हर क्षेत्र और समाज के हर वर्ग की आवाज़ को सम्मानपूर्वक स्थान मिलना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ लोग परिवारवादी और सामंती सोच के कारण लोकतांत्रिक संस्थाओं को अपने सीमित दायरे में रखना चाहते हैं और नए नेतृत्व को स्वीकार नहीं कर पाते। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती के लिए संसद की परंपराओं और मर्यादाओं का सभी को सम्मान करना चाहिए।
ओम बिरला ने आभार जताया और सदस्यों को अनुशासन की अपील की
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प्रधानमंत्री के पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह संदेश संसदीय लोकतंत्र के नियमों, प्रक्रियाओं और परंपराओं के प्रति प्रधानमंत्री के अटूट विश्वास को दर्शाता है। इसी क्रम में लोकसभा अध्यक्ष ने सभी दलों के नेताओं को भी पत्र भेजा, जिसमें उन्होंने हाल के समय में संसद परिसर के भीतर और बाहर कुछ सांसदों के आचरण पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सभागृह के भीतर बैनर, तख्तियां और पोस्टर का प्रदर्शन तथा अमर्यादित भाषा और व्यवहार संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं है।
ओम बिरला ने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से अपील की कि वे अपने सदस्यों को अनुशासित और मर्यादित आचरण के लिए प्रेरित करें, ताकि संसद की प्रतिष्ठा और जनता का लोकतंत्र पर विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।
