नवजात जीवनरक्षा की दिशा में अहम पहल : सरस्वती मेडिकल कॉलेज में बेसिक नियोनेटल रेससिटेशन प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित

Rashtriya Shikhar
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Important step towards newborn life-saving: Basic Neonatal Resuscitation training workshop organized at Saraswati Medical College IMAGE CREDIT TO कॉलेज

हापुड़ (शिखर समाचार)। सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड हॉस्पिटल, हापुड़ के कॉलेज ऑडिटोरियम में बेसिक नियोनेटल रेससिटेशन प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस शैक्षणिक कार्यक्रम का उद्देश्य नवजात शिशुओं की देखभाल तथा प्रसव सेवाओं से जुड़े स्वास्थ्यकर्मियों की जीवनरक्षक कौशल क्षमता को सुदृढ़ बनाना रहा।

नवजात शिशु देखभाल में कौशल प्रशिक्षण

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बेसिक नियोनेटल रेससिटेशन प्रोग्राम एक संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसके माध्यम से स्वास्थ्य पेशेवरों को उन नवजात शिशुओं के प्रबंधन के लिए आवश्यक ज्ञान और व्यावहारिक कौशल प्रदान किए जाते हैं, जिन्हें जन्म के तुरंत बाद सांस लेने में कठिनाई होती है। प्रशिक्षण के दौरान नवजात शिशु का प्रारंभिक मूल्यांकन, वायुमार्ग प्रबंधन, प्रभावी वेंटिलेशन तथा उन नवजातों को स्थिर करने की तकनीकों पर विशेष अभ्यास कराया गया। यह कार्यक्रम इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स और नेशनल नियोनैटोलॉजी फोरम के दिशा-निर्देशों के अनुसार आयोजित किया गया।

विशेषज्ञों के नेतृत्व में प्रशिक्षण

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कार्यशाला का संचालन डॉ. योगेश कुमार गोयल के नेतृत्व में किया गया। शैक्षणिक सत्रों और व्यावहारिक प्रशिक्षण का संचालन विशेषज्ञों के पैनल द्वारा किया गया, जिसमें डॉ. ब्रजेंद्र सिंह (सहायक प्रोफेसर, केएसजीएमसी मेडिकल कॉलेज) कोर्स समन्वयक के रूप में शामिल रहे। इसके अतिरिक्त डॉ. मनीष अग्रवाल, डॉ. अनुपमा वर्मा और डॉ. विवेक त्यागी ने प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

प्रशासनिक मार्गदर्शन और बधाई

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कार्यक्रम का आयोजन डॉ. योगेश कुमार गोयल, डॉ. सी. एस. अहलुवालिया, डॉ. बरखा गुप्ता तथा डॉ. अंशुमान श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। चिकित्सा विशेषज्ञों ने बताया कि समय पर और प्रभावी नियोनेटल रेससिटेशन नवजात मृत्यु दर को कम करने और नवजात शिशुओं के जीवित रहने की संभावना बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस अवसर पर सरस्वती ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के संस्थापक डॉ. जे. रामचंद्रन और वाइस चेयरपर्सन रम्या रामचंद्रन ने आयोजन टीम और प्रतिभागियों को बधाई दी। वहीं प्रिंसिपल डॉ. बरखा गुप्ता, सीनियर एडवाइजर ब्रिगेडियर डॉ. आर. के. सहगल, जनरल मैनेजर एन. वर्धराजन और डायरेक्टर रघुवर दत्त ने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर बाल रोग विभाग की पूरी टीम को सराहा और कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल और जीवनरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

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