ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)
आगामी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर पर देश की तेजी से उभरती एयरलाइन अकासा एयर अपनी पहली मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (एमआरओ) सुविधा स्थापित करेगी। इसके लिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अकासा एयर के बीच रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की गई है। इस पहल को भारत के विमानन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
एयरपोर्ट परिसर में बनेगी अत्याधुनिक एमआरओ सुविधा
समझौते के तहत एयरपोर्ट परिसर में अत्याधुनिक एमआरओ सुविधा विकसित की जाएगी, जहां विमानों के रखरखाव, मरम्मत और तकनीकी जांच से जुड़े विभिन्न कार्य किए जाएंगे। इससे एयरलाइन संचालन की दक्षता और सुरक्षा मानकों को और मजबूत किया जा सकेगा। साथ ही इस परियोजना से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश के प्रमुख एमआरओ हब के रूप में विकसित करने में भी मदद मिलेगी।
इस सुविधा के शुरू होने से क्षेत्र में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और विमानन क्षेत्र से जुड़े कौशल विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही यह पहल एक मजबूत और एकीकृत विमानन पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगी।
अधिकारियों ने साझेदारी को बताया अहम कदम
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/in-the-cough-syrup-case-ghaziabad-police/
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने कहा कि अकासा एयर द्वारा अपनी पहली एमआरओ सुविधा को जेवर एयरपोर्ट पर स्थापित करने का निर्णय एयरपोर्ट के विश्वस्तरीय विमानन हब बनने के लक्ष्य को मजबूत करता है। इससे क्षेत्र में रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे।
अकासा एयर के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय दुबे ने कहा कि भारत का विमानन बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है और ऐसे में मजबूत घरेलू एमआरओ क्षमताओं का विकास बेहद आवश्यक है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ यह साझेदारी कंपनी के दीर्घकालिक विकास और कुशल संचालन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
2022 में शुरू हुई अकासा एयर का लगातार विस्तार
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/maruti-van-caught-fire-due-to-short-circuit/
अगस्त 2022 में शुरू हुई अकासा एयर अब तक 2.5 करोड़ से अधिक यात्रियों को सेवाएं दे चुकी है और वर्तमान में 26 घरेलू और 6 अंतरराष्ट्रीय शहरों के लिए उड़ानें संचालित कर रही है। एयरलाइन के पास आधुनिक बोइंग 737 मैक्स विमानों का बेड़ा है, जो ईंधन की बचत और पर्यावरण के अनुकूल तकनीक के लिए जाना जाता है।
जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिल्ली एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को देश और दुनिया के प्रमुख शहरों से जोड़ने वाला विश्वस्तरीय हवाईअड्डा होगा। प्रारंभिक चरण में यहां एक रनवे और एक टर्मिनल के साथ प्रतिवर्ष लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता होगी, जिसे भविष्य में और बढ़ाया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी न केवल क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देगी, बल्कि भारत को विमानन रखरखाव सेवाओं में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगी।
