महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम में वित्तीय अनियमितता, ग्राम रोजगार सेवक की संविदा समाप्त करने के निर्देश

Rashtriya Shikhar
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Financial irregularities detected in the Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act; directives issued to terminate the contract of the village employment worker. IMAGE CREDIT TO जिलाधिकारी प्रोफाइल फोटो

बिजनौर (शिखर समाचार)

जनपद में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के अंतर्गत गंभीर वित्तीय अनियमितता का मामला प्रकाश में आने पर जिलाधिकारी जसजीत कौर ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोषी ग्राम रोजगार सेवक की सेवा समाप्त करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित प्रकरण में प्राथमिकी दर्ज कराने तथा धनराशि की वसूली सुनिश्चित करने के आदेश भी जारी किए गए हैं।

जांच में सामने आई गंभीर अनियमितताएं

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जिलाधिकारी ने बताया कि ग्राम नूरपुर अरब निवासी प्रमोद द्वारा प्रस्तुत शिकायती पत्र में ग्राम रोजगार सेवक पर मनरेगा योजना के अंतर्गत भारी अनियमितता करने के आरोप लगाए गए थे। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच उपायुक्त (श्रम रोजगार) से कराई गई। जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए।

जांच में सामने आया कि शहबाज, ग्राम रोजगार सेवक, ने अपने परिवारजनों के नाम से डुप्लीकेट जॉब कार्ड जारी कराए। बिना कार्य कराए फर्जी मस्टर रोल तैयार कर भुगतान दिखाया गया। इसके अलावा परिवार के सदस्यों को अन्य बिरादरी के जॉब कार्डों में जोड़कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया।

फर्जी मस्टर रोल और धनराशि का व्यपहरण

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प्रकरण यहीं तक सीमित नहीं रहा। नियमित संविदा कर्मी आंगनबाड़ी सहायिका श्रीमती यशोदा के नाम से भी फर्जी मस्टर रोल भरकर भुगतान कराए जाने की पुष्टि हुई। साथ ही एक काल्पनिक व्यक्ति के नाम से जॉब कार्ड बनाकर मस्टर रोल तैयार किए जाने का मामला भी सामने आया। जांच के अनुसार कुल 4,67,436 रुपये की सरकारी धनराशि का दुर्विनियोग/व्यपहरण किया गया।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि दोषी ग्राम रोजगार सेवक के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), विकास खंड कोतवाली को निर्देश दिए गए हैं कि नियमानुसार ग्राम पंचायत की बैठक बुलाकर अपचारी ग्राम रोजगार सेवक की संविदा समाप्त करने की कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाए।

प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए

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जिला पंचायतराज अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि ग्राम पंचायत की बैठक यथाशीघ्र आयोजित कर संविदा समाप्ति की कार्रवाई पूरी कराई जाए। जिला कार्यक्रम अधिकारी, बिजनौर को आदेशित किया गया है कि संबंधित आंगनबाड़ी सहायिका के विरुद्ध कठोर अनुशासनिक कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से आहरित धनराशि की वसूली सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह मामला अत्यंत गंभीर वित्तीय अनियमितता और पद के दुरुपयोग से संबंधित है। शासन की प्राथमिकता है कि जनहित की योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे और पात्र लाभार्थियों के अधिकारों से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।

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