बिजनौर (शिखर समाचार) बढ़ापुर रेंज के अंतर्गत ढकरिया बीट इलाके में मंगलवार सुबह नियमित गश्त के दौरान वन विभाग की टीम को जंगल में हाथी के एक छोटे शावक का शव दिखाई दिया। शव मिलने की सूचना मिलते ही विभागीय अमले में खलबली मच गई और तुरंत उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया। इसके बाद वन विभाग के अधिकारी और पशु चिकित्सकों की संयुक्त टीम को मौके पर भेजा गया।
मासूम हाथी शावक की रहस्यमयी मौत, जांच में जुटा वन विभाग
नजीबाबाद वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी अभिनव राज ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मृत हाथी शावक बेहद कम उम्र का प्रतीत हो रहा है। उनके अनुसार शावक की आयु अनुमानतः एक से दो माह के बीच हो सकती है। प्रारंभिक निरीक्षण में शरीर पर किसी प्रकार की बाहरी चोट या हिंसा के स्पष्ट निशान नहीं पाए गए हैं।
प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया शावक की मृत्यु का संभावित कारण क्षेत्र में पड़ रही अत्यधिक ठंड मानी जा रही है। लगातार गिरते तापमान के कारण छोटे शावकों के शरीर का ताप संतुलन बिगड़ जाता है, जिसे शीत तनाव कहा जाता है। आशंका जताई जा रही है कि इसी शीत तनाव के चलते शावक की जान चली गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज, देर शाम तक जांच पूरी होने की उम्मीद
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हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि केवल शव परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। पशु चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंच चुकी है और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद देर शाम तक शव परीक्षण की प्रक्रिया संपन्न कर ली जाएगी।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार बीते कुछ दिनों से इस पूरे क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जिसका असर वन्य जीवों पर भी साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। इसी को देखते हुए जंगल में मौजूद अन्य हाथियों और वन्य प्राणियों की निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।
वन विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि यदि जंगल के आसपास किसी वन्य जीव को असहाय या घायल अवस्था में देखें तो तत्काल विभाग को सूचना दें। शव परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि शावक की मृत्यु प्राकृतिक कारणों से हुई है या इसके पीछे कोई अन्य वजह भी जिम्मेदार है। फिलहाल पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
