हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पर भारत भवन में सजेगा तीन दिवसीय राष्ट्रीय मीडिया महाकुंभ, 8 मई से होगा शुभारंभ

Rashtriya Shikhar
3 Min Read
A three-day National Media Mahakumbh will be held at Bharat Bhavan on the occasion of 200 years of Hindi journalism, starting from May 8. IMAGE CREDIT TO इमेज फाइल फोटो

भोपाल (शिखर समाचार)। हिंदी पत्रकारिता के द्विशताब्दी वर्ष के ऐतिहासिक अवसर पर माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय और वीर भारत न्यास के संयुक्त तत्वावधान में ‘प्रणाम! उदंत मार्तण्ड’ शीर्षक से तीन दिवसीय राष्ट्रीय मीडिया महाकुंभ का आयोजन 8, 9 और 10 मई 2026 को भारत भवन, भोपाल में किया जाएगा। इस भव्य आयोजन का शुभारंभ 8 मई को प्रातः 10:30 बजे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। कार्यक्रम में विषय प्रवर्तन वरिष्ठ पत्रकार एवं पूर्व सूचना आयुक्त उदय माहूरकर करेंगे, जबकि अध्यक्षता आचार्य मिथिलेशनंदिनीशरण (अयोध्या) करेंगे।

हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पर राष्ट्रीय विमर्श

ALSO READ:https://www.jagran.com/uttar-pradesh/ghaziabad-indirapuram-woman-death-family-halts-last-rites-demands-probe-40199229.html

यह मीडिया महाकुंभ हिंदी पत्रकारिता की गौरवशाली 200 वर्ष की यात्रा को स्मरण करने के साथ-साथ उसके मूल्यों, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर व्यापक विमर्श का मंच बनेगा। देश के 9 राज्यों से 60 से अधिक पत्रकार, संपादक, लेखक, समाचार वाचक, विचारक, शिक्षाविद् और मीडिया विशेषज्ञ इसमें भाग लेंगे। प्रमुख प्रतिभागियों में हरिवंश, जे. साईं दीपक, जे. नंदकुमार, विष्णुप्रकाश त्रिपाठी, नगमा सहर, सईद अंसारी, उदय सिन्हा, अमिताभ अग्निहोत्री, जयंती रंगनाथन, ब्रजेश कुमार सिंह, कृपाशंकर चौबे, सोमा बंदोपाध्याय, विकास मिश्र, प्रफुल्ल केतकर, प्रत्यूष रंजन, सी. जयशंकर बाबु, शैलेश पाण्डेय, हितेश शंकर, प्रतीक त्रिवेदी, राशिद किदवई, अनिल पाण्डेय, दिलीप शर्मा, शरद गुप्ता और सलमान रावी शामिल होंगे। ‘गुल्लक’ के लेखक दुर्गेश सिंह भी अपनी सहभागिता दर्ज कराएंगे।

तीन दिवसीय इस राष्ट्रीय विमर्श में डिजिटल युग में दूरदर्शन पत्रकारिता, भारतीय पत्रकारिता का वैचारिक अधिष्ठान, भूमंडलीकरण के बाद का भारत और मीडिया, नए भारत का निर्माण तथा भारतीय भाषाओं की राष्ट्रीय भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा होगी। आयोजन के दौरान दो सौ वर्षों की पत्रकारिता की यात्रा पर आधारित समाचार पत्रों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जो दर्शकों को इतिहास से रूबरू कराएगी। इसके साथ ही देश के आठ वरिष्ठ व्यंग्य चित्रकारों द्वारा जीवंत चित्रांकन प्रस्तुत किया जाएगा, जो कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहेगा।

पुस्तकों का लोकार्पण और छात्र निर्माण

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/town-vending-committee-meeting-in-presence/

इस अवसर पर माखन के लाल तथा कार्टून कथा नामक पुस्तकों का लोकार्पण किया जाएगा। साथ ही विश्वविद्यालय के प्रायोगिक समाचार पत्र विकल्प, पहल और अभ्युदय के विशेषांकों का विमोचन भी होगा। इलेक्ट्रॉनिक माध्यम के विद्यार्थियों द्वारा निर्मित तीन वृत्तचित्रों का प्रदर्शन भी किया जाएगा, जो समकालीन विषयों पर आधारित होंगे।

सांस्कृतिक संध्या और विशेष सत्र

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/humorous-poetry-recitation-by-shambhu-shekhar/

कार्यक्रम के दौरान प्रतिदिन सायं 7 बजे से सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा, जिसमें वंदेमातरम् सहित विविध प्रस्तुतियां होंगी। इसके अलावा भारत केंद्रित तीन विशेष सत्र भी आयोजित किए जाएंगे, जिनमें उतिष्ठ भारत विषय पर आचार्य मिथिलेशनंदिनीशरण, नए भारत का निर्माण विषय पर हरिवंश तथा स्वाभिमानी भारत विषय पर जे. साईं दीपक अपने विचार रखेंगे।

यह आयोजन हिंदी पत्रकारिता के अतीत, वर्तमान और भविष्य को एक साथ जोड़ते हुए संवाद, चिंतन और प्रेरणा का एक महत्वपूर्ण मंच सिद्ध होगा।

Share This Article
Leave a comment