गोविंदपुरी-सारा मार्ग के चौड़ीकरण की मांग पर प्रदर्शन, समाधान दिवस में गूंजे जनसमस्याओं के मुद्दे

Rashtriya Shikhar
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Protest Over Demand for Widening Govindpuri-Sara Road; Public Issues Echoed During Samadhan Diwas. IMAGE CREDIT TO रिपोर्टर

मोदीनगर (शिखर समाचार)।

गोविंदपुरी सारा मार्ग के चौड़ीकरण और मरम्मत की मांग को लेकर शनिवार को बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने तहसील मुख्यालय पर आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में प्रदर्शन किया। ग्रामीण और स्थानीय नागरिक पहले गोविंदपुरी सारा मार्ग पर एकत्र हुए, इसके बाद नारेबाजी करते हुए जुलूस के रूप में तहसील पहुंचे और उपजिलाधिकारी कोमल पवार को ज्ञापन सौंपकर जल्द कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मार्ग पर भारी आवागमन रहता है, लेकिन दोनों ओर किए गए अतिक्रमण के कारण सड़क संकरी हो गई है। इसके साथ ही सड़क की जर्जर स्थिति के कारण लोगों और वाहनों को प्रतिदिन भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। नगर पालिका परिषद की ओर से मार्ग चौड़ीकरण के लिए पहले ही निशानदेही की जा चुकी है, लेकिन अतिक्रमण करने वाले इसका विरोध कर रहे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए उपजिलाधिकारी ने नगर पालिका के राजस्व निरीक्षक अंकित चौधरी को मौके पर बुलाकर शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।

दिव्यांग महिला को कम राशन मिलने पर तत्काल कराई केवाईसी

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समाधान दिवस के दौरान उपजिलाधिकारी की नजर दिव्यांग एवं विधवा महिला सुमित्रा पर पड़ी। महिला ने बताया कि केवाईसी पूरी न होने के कारण उसे पिछले महीने निर्धारित मात्रा से पांच किलोग्राम कम राशन मिला। इस पर उपजिलाधिकारी ने तत्काल खाद्य एवं रसद विभाग की अधिकारी दीपा वर्मा को बुलाकर महिला की केवाईसी पूरी कराई और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पात्र लाभार्थियों को नियमानुसार राशन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कम राशन वितरित करने वाले उचित दर विक्रेताओं के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

निजी स्कूलों में एनसीईआरटी किताबें लागू करने की मांग

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इसी दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुनील शर्मा और बृजेश सेन ने निजी विद्यालयों में महंगी निजी प्रकाशकों की पुस्तकों के स्थान पर एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू कराने की मांग उठाई। वहीं अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर की जर्जर सड़कों तथा अधूरे पड़े शौचालय निर्माण का मुद्दा उठाते हुए शीघ्र सुधार की मांग की। उपजिलाधिकारी ने सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराने का आश्वासन दिया।

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