ससुराल पक्ष की प्रताड़ना से टूटे युवक ने दी जान, आत्महत्या पत्र और वीडियो के आधार पर पत्नी समेत नौ लोगों पर मुकदमा दर्ज

Rashtriya Shikhar
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Young Man, Devastated by Alleged Harassment from In-Laws, Dies by Suicide; Case Registered Against Nine People Including Wife Based on Suicide Note and Video — IMAGE CREDIT TO REPORTER

साहिबाबाद/गाजियाबाद (शिखर समाचार)। थाना साहिबाबाद क्षेत्र में युवक की आत्महत्या के मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मृतक के भाई की तहरीर, सामाजिक माध्यम पर प्रसारित वीडियो और कथित आत्महत्या पत्र के आधार पर पुलिस ने देर रात पत्नी सहित ससुराल पक्ष के नौ लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है। परिजनों का आरोप है कि लगातार मानसिक उत्पीड़न, बच्चों से मिलने से रोकने, मारपीट, धमकी और सामाजिक रूप से अपमानित किए जाने के कारण युवक अवसाद में चला गया था और अंततः उसने आत्महत्या कर ली।

संजय कॉलोनी अर्थला मोहन नगर निवासी

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संजय कॉलोनी अर्थला मोहन नगर निवासी शाह फैशल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसके बड़े भाई शादाब का विवाह दिल्ली के जाफराबाद निवासी तबस्सुम के साथ हुआ था। दोनों के दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं। आरोप है कि पारिवारिक विवाद के चलते तबस्सुम अपने बच्चों को लेकर मायके चली गई थी और उसके बाद से शादाब को बच्चों से मिलने तक नहीं दिया जा रहा था।
तहरीर के अनुसार शादाब की बड़ी पुत्री रिजा की तबीयत खराब होने की सूचना मिलने पर वह उसे देखने ससुराल पहुंचा था। वहां उसे बताया गया कि बच्ची का उपचार चिकित्सकों से नहीं बल्कि तांत्रिक क्रियाओं के माध्यम से किया जा रहा है। जब उसने बेटी का इलाज चिकित्सक से कराने और उसे अपने साथ ले जाने की बात कही तो ससुराल पक्ष ने इसका विरोध करते हुए उसे अपमानित कर वहां से भगा दिया।

आरोप है कि 8 जून को शादाब दोबारा अपने बच्चों से

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आरोप है कि 8 जून को शादाब दोबारा अपने बच्चों से मिलने ससुराल पहुंचा, जहां उसने अपनी पुत्री को एक कमरे में बैठाकर कथित रूप से जादू-टोना और निकाह संबंधी प्रक्रिया होते हुए देखा। विरोध करने पर सास राबिया, ससुर रफीक, साला सुऐब आलम, साढ़ू फारूख, नवाब और आकिल, सालियां मोबिन और जैनब तथा पत्नी तबस्सुम ने उसके साथ मारपीट की, गाली गलौज की और जान से मारने तथा झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।
परिजनों का कहना है कि इस घटना के बाद शादाब गहरे मानसिक तनाव में रहने लगा था। वह अक्सर कहता था कि उसे बच्चों से मिलने नहीं दिया जा रहा है और ससुराल पक्ष लगातार उसे प्रताड़ित कर रहा है। परिवार द्वारा कई बार समझौते और बातचीत का प्रयास किया गया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
मामले ने उस समय गंभीर रूप ले लिया जब 11 जून की शाम शादाब के साले सुऐब आलम ने फोन कर सूचना दी कि शादाब ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। वहां शादाब पंखे से लटका मिला। स्थानीय लोगों की सहायता से उसे नीचे उतारा गया और पुलिस की मौजूदगी में नरेंद्र मोहन अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद परिजनों ने शादाब का मोबाइल

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घटना के बाद परिजनों ने शादाब का मोबाइल और अन्य दस्तावेज खंगाले तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। परिजनों के अनुसार शादाब ने अपनी सामाजिक माध्यम की प्रोफ़ाइल पर कई वीडियो साझा किए थे, जिनमें उसने ससुराल पक्ष द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न, बच्चों से दूर रखने, मारपीट और धमकियों का उल्लेख किया था। इसके अलावा उसकी डायरी से एक कथित आत्महत्या पत्र भी मिला, जिसमें उसने अपनी मौत के लिए सीधे तौर पर ससुराल पक्ष को जिम्मेदार ठहराया है।
शाह फैशल ने अपनी तहरीर में राबिया, रफीक, सुऐब आलम, फारूख, नवाब, आकिल, मोबिन, जैनब और तबस्सुम को नामजद करते हुए आरोप लगाया है कि इन लोगों ने सुनियोजित तरीके से उसके भाई को इतना प्रताड़ित किया कि वह जीवन से निराश होकर आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना साहिबाबाद पुलिस ने देर रात आरोपित नौ लोगों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या पत्र, वीडियो, मोबाइल अभिलेखों और अन्य साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। मृतक के परिजनों ने आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा है कि यदि समय रहते उनकी शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई होती तो शायद शादाब की जान बचाई जा सकती थी। अब पूरा परिवार न्याय की उम्मीद में पुलिस और प्रशासन की ओर देख रहा है।

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