जेवर (शिखर समाचार)। श्री दुर्गे मंदिर पर आयोजित 62वें नवरात्रि मेले के अंतर्गत महाकुश्ती दंगल का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान एक लाख एक हजार रुपये की इनामी राशि और रेशमी सेल के लिए हुई अंतिम और सबसे बड़ी कुश्ती बराबरी पर छूटने से मुकाबला देखने पहुंचे हजारों दर्शकों में मायूसी नजर आई।
दंगल की इस अंतिम और रोमांचक कुश्ती में मोहित पहलवान (फरीदाबाद) और सांपल पहलवान के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। आयोजक रूप सिंह सोलंकी ने दोनों पहलवानों के हाथ मिलाकर मुकाबले की शुरुआत कराई। इस महाकुश्ती के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय किसान यूनियन महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष शालिनी सिंह और गीता भाटी उपस्थित रहीं।
कड़े संघर्ष के बाद भी बराबरी पर छूटी आखिरी कुश्ती
दोनों पहलवानों ने अपनी बेहतरीन कला का प्रदर्शन किया, लेकिन कड़े संघर्ष के बाद भी मुकाबला किसी एक के पक्ष में न झुक सका और बराबरी पर समाप्त हुआ। आखिरी कुश्ती का परिणाम न निकलने से मैदान में मौजूद हजारों कुश्ती प्रेमियों को थोड़ी निराशा हुई।
कबड्डी टूर्नामेंट और महाकुश्ती के सफल आयोजन पर जताया आभार
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दंगल के समापन पर श्री दुर्गे मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, महासचिव सुभाष चंद्र और समिति के निदेशक कुलदीप पंडित ने मेले के दौरान आयोजित कबड्डी टूर्नामेंट और इस महाकुश्ती के शांतिपूर्वक संपन्न होने पर संतोष व्यक्त किया। साथ ही सफल आयोजन के लिए सभी का आभार जताया।
