गाजियाबाद (शिखर समाचार)। मिशन शक्ति 6.0 के शुभारंभ के अवसर पर साहिबाबाद थाना स्थित बाल मित्र केंद्र में नवरात्रि समारोह आयोजित किया गया। समाधान अभियान संस्था ने इंडिया पेस्टिसाइड्स लिमिटेड के सहयोग से संचालित अपनी “चुप्पी तोड़, अब तो बोल” परियोजना के अंतर्गत कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान बच्चों को महिला एवं बाल सुरक्षा, बाल अधिकारों, आत्मविश्वास और आत्मरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
मिशन शक्ति 6.0 के तहत बच्चों को सुरक्षा और अधिकारों के प्रति किया जागरूक
कार्यक्रम में बच्चों को सुरक्षित वातावरण में रहने, अपने अधिकारों को समझने और किसी भी तरह की असुरक्षा महसूस होने पर आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया गया। आयोजकों ने कहा कि बच्चों में आत्मविश्वास विकसित करना और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना बेहद जरूरी है, ताकि वे विपरीत परिस्थितियों में भी सजग रह सकें।
इस अवसर पर भारत की पारंपरिक युद्ध कला कलरिपयट्टू के निःशुल्क प्रशिक्षण के माध्यम से बच्चों को आत्मरक्षा के कौशल सिखाने पर जोर दिया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य बच्चों में अनुशासन, शारीरिक दक्षता और आत्मविश्वास विकसित करना है, ताकि वे अपनी सुरक्षा के प्रति अधिक सजग और सक्षम बन सकें।
कलरिपयट्टू प्रशिक्षण से बच्चों को सिखाए आत्मरक्षा के गुर
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कार्यक्रम में समाधान अभियान की संस्थापक अर्चना अग्निहोत्री, मिशन शक्ति केंद्र प्रभारी प्रिंसी, उनकी सहयोगी टीम और बाल मित्र केंद्र की पूरी टीम मौजूद रही। सभी ने बच्चों की सुरक्षा, जागरूकता और सर्वांगीण विकास के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
समाधान अभियान संस्था का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना तथा उनके लिए बाल-अनुकूल वातावरण विकसित करना है। संस्था के इस प्रयास के माध्यम से बच्चों को सुरक्षा संबंधी जानकारी देने के साथ-साथ उनमें आत्मरक्षा और आत्मविश्वास की भावना मजबूत करने का संदेश दिया गया।
