गाजियाबाद (शिखर समाचार)। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन प्रहार के तहत गाजियाबाद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। शनिवार देर रात स्वाट टीम, सर्विलांस टीम और थाना विजयनगर पुलिस की संयुक्त टीम की मादक पदार्थ तस्करों से मुठभेड़ हुई। बिना नंबर प्लेट की स्कूटी पर सवार तीन युवक इंदिरापुरम से हिंडन बैराज की ओर 21 किलो गांजे की खेप लेकर जा रहे थे। पुलिस की घेराबंदी के दौरान अभियुक्तों ने भागने का प्रयास किया और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दो अभियुक्त गोली लगने से घायल हो गए, जबकि तीसरे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
इसी कड़ी में पुलिस को सूचना मिली थी कि तीन व्यक्ति बिना नंबर प्लेट की स्कूटी से मादक पदार्थों की खेप लेकर इंदिरापुरम से हिंडन बैराज की तरफ जा रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए स्वाट टीम, सर्विलांस टीम और थाना विजयनगर पुलिस ने इलाके में चेकिंग अभियान शुरू किया। इसी दौरान पुलिस टीम को संदिग्ध स्कूटी आती दिखाई दी। पुलिस ने स्कूटी सवारों को रुकने का इशारा किया, लेकिन अभियुक्तों ने रुकने के बजाय स्कूटी को पुश्ता रोड की तरफ मोड़ दिया और कच्चे रास्ते पर भागने लगे। पुलिस टीम ने उनका पीछा किया। भागने के दौरान अभियुक्तों की स्कूटी फिसल गई और 3 सड़क पर गिर पड़े। इसी दौरान अभियुक्तों ने पुलिस टीम को अपनी ओर आता देखकर फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई में दो आरोपी घायल, तीसरा गिरफ्तार
पुलिसकर्मियों ने आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की। मुठभेड़ में अनस के पैर में दो गोलियां और दिलशाद के पैर में एक गोली लगी। दोनों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। वहीं, पुलिस ने मौके से तीसरे अभियुक्त असलम को गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी के दौरान पुलिस ने इनके कब्जे से 21 किलो गांजा, बिना नंबर प्लेट की एक स्कूटी, दो अवैध तमंचे तथा खोखे और कारतूस बरामद किए।
गांजे की सप्लाई और तस्करी नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
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पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजा कहां से लाया गया था और इसकी सप्लाई कहां की जानी थी। घायल अनस का आपराधिक इतिहास भी लंबा है और उसके खिलाफ डेढ़ दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। अन्य दोनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किसी संगठित मादक पदार्थ तस्करी गिरोह से जुड़े हैं या नहीं।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल की जांच कर साक्ष्य जुटाए। बरामद हथियारों, कारतूस और गांजे को कब्जे में लेकर अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली उपासना पाण्डेय ने बताया कि मादक पदार्थों की तस्करी और अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। इस कार्रवाई को गांजा तस्करी के नेटवर्क पर प्रहार के तौर पर देखा जा सकता है और इससे दिल्ली एनसीआर में गांजे की बिक्री पर असर पड़ेगा।
