सहारनपुर (शिखर समाचार)। मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार ने मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर विकास कार्यों, कर-करेत्तर एवं राजस्व कार्यों, चकबंदी, वादों की प्रगति और कानून व्यवस्था की वर्चुअल समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर अपनी रैंकिंग में सुधार लाते हुए उच्चतम श्रेणी प्राप्त करने का प्रयास करें। ए श्रेणी वाले विभाग अपनी स्थिति बनाए रखें और कम रैंक वाले विभाग कार्यशैली में सुधार करें।
समीक्षा के दौरान विभिन्न योजनाओं में सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली की रैंकिंग सी और डी श्रेणी में पाए जाने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के कार्यों की जियो टैगिंग कराने, पर्यटन विभाग के पथमार्ग और संकेतक संबंधी कार्य इसी माह पूरा करने तथा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की प्रक्रिया समय से पूरी कराने के निर्देश दिए। परिवार पहचान पत्र के कार्य में प्रगति के लिए सभी अधिशासी अधिकारियों की अलग से बैठक आयोजित करने को कहा।
योजनाओं और शिकायतों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश
मंडलायुक्त ने विद्युत बिलों से संबंधित मामलों का समयबद्ध समाधान, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और निराश्रित महिला पेंशन के लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के पाठ्यक्रम तैयार करने और स्थानीय उद्योगों के सहयोग से विद्यार्थियों को उन्नत प्रशिक्षण दिलाने के लिए जनपदवार कार्ययोजना बनाने को कहा।
उन्होंने आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों का समय से गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने तथा किसी भी प्रकरण को डिफाल्टर श्रेणी में नहीं जाने देने के निर्देश दिए। शिकायतकर्ता की संतुष्टि का भी सत्यापन करने और बेहतर प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर अधिकारियों को स्वयं स्थलीय निरीक्षण करने को कहा। सेवा संकल्प अभियान से संबंधित सूचनाएं पोर्टल पर प्रतिदिन समय से दर्ज करने के निर्देश दिए गए।
राजस्व वसूली और पुराने वादों के निस्तारण पर जोर
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राजस्व समीक्षा में मंडलायुक्त ने स्टाम्प, आबकारी, वस्तु एवं सेवा कर, खनन, परिवहन, वन, नगर विकास और ऊर्जा विभाग को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप राजस्व वसूली सुनिश्चित करने को कहा। तीन से पांच वर्ष पुराने राजस्व वादों तथा तीन वर्ष पुराने चकबंदी वादों का शीघ्र निस्तारण करने, चारागाह की भूमि को कब्जामुक्त कराने और भूमि की पैमाइश आधुनिक उपकरण से कराने के निर्देश भी दिए।
बैठक में तीनों जिलों के जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, अपर आयुक्त, अपर जिलाधिकारी और संबंधित विभागों के मंडलीय एवं जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
