ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार): जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश, 15 दिन में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य
जनपद में संचालित कोचिंग संस्थानों, निजी अस्पतालों, होटल, रेस्टोरेंट, पीजी, हॉस्टल, लाइब्रेरी और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराने के लिए मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मेधा रूपम की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न संस्थानों के संचालकों और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
15 दिनों में एनओसी और वैध अनुमतियां अनिवार्य
जिलाधिकारी ने कहा कि जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी संस्थानों को भवन उपविधियों, अग्नि सुरक्षा मानकों और शासन के नियमों के अनुरूप आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी), पंजीकरण तथा अन्य वैधानिक अनुमतियां 15 दिनों के भीतर प्राप्त करनी होंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना वैधानिक स्वीकृतियों के किसी भी संस्थान का संचालन स्वीकार नहीं किया जाएगा। निर्धारित समय के बाद नियमों का पालन न करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध सीलिंग सहित कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बेसमेंट संचालन पर रोक, सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन जरूरी
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बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी संस्थानों में सुरक्षित प्रवेश और निकास की व्यवस्था रहे। जहां बायोमेट्रिक या इलेक्ट्रॉनिक प्रवेश द्वार हैं, वहां कर्मचारी की तैनाती अनिवार्य होगी तथा आपात स्थिति में निकासी के लिए एग्जिट गेट हर समय खुला रखा जाएगा। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में बेसमेंट में कोचिंग, अस्पताल, होटल, रेस्टोरेंट या अन्य सार्वजनिक गतिविधियों का संचालन नहीं किया जाएगा।
उन्होंने लिफ्ट अधिनियम का पालन सुनिश्चित करने, लिफ्ट का नियमित सुरक्षा परीक्षण और वार्षिक अनुरक्षण कराने के निर्देश दिए। साथ ही सभी संस्थानों को नियमित अग्नि सुरक्षा मॉक ड्रिल आयोजित करने तथा कर्मचारियों को आपदा की स्थिति में बचाव और सुरक्षित निकासी का प्रशिक्षण देने के लिए कहा।
नियमित निरीक्षण और सख्त कार्रवाई के निर्देश
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जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गठित टीमें अभियान चलाकर कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों, होटल, पीजी, हॉस्टल और अन्य प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण करें। जहां भी सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिले, वहां तत्काल नियमानुसार कार्रवाई कर प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में अग्निशमन, स्वास्थ्य, शिक्षा और विद्युत सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने एनओसी, पंजीकरण और अग्नि सुरक्षा संबंधी प्रक्रियाओं की जानकारी भी दी।
