स्वयं सहायता समूहों ने बदली महिलाओं की जिंदगी, गाजियाबाद में शक्ति संवाद के साथ पांच बेटियों का मनाया जन्मोत्सव

Rashtriya Shikhar
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Self-Help Groups Transform Women’s Lives in Ghaziabad; Birthdays of Five Girls Celebrated Alongside “Shakti Samvad.” IMAGE CREDIT TO सूचना विभाग

गाजियाबाद (शिखर समाचार)। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को जनपद में शक्ति संवाद एवं कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। डॉ. बबीता सिंह चौहान ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। आयोजन में महिला सशक्तिकरण, बालिका संरक्षण, शिक्षा और बेटियों के सम्मान का संदेश दिया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भी समाज में महिलाओं और बालिकाओं के महत्व को रेखांकित किया गया।

‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत पांच नवजात बालिकाओं का जन्मोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर बालिकाओं को बेबी किट प्रदान की गईं और उनके अभिभावकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बेटियों के जन्म के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना और समाज में समानता एवं सम्मान की भावना को बढ़ावा देना रहा।

शक्ति संवाद में महिलाओं ने साझा किए अनुभव

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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं के साथ आयोजित शक्ति संवाद में डॉ. बबीता सिंह चौहान ने उनके अनुभवों, समस्याओं और विचारों को सुना। उन्होंने महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनकर समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

संवाद के दौरान रजनी त्यागी, बैंक सखी, रावली कला, मुरादनगर ने बताया कि वह पंजाब नेशनल बैंक की रावली कला शाखा में कार्यरत हैं, जहां 67 स्वयं सहायता समूहों के खाते हैं। पशुपालन सहित उनके कार्यों से प्रतिमाह करीब 18 हजार रुपये की आय होती है। रहमतुनिशा, समूह सखी, सुराना, मुरादनगर ने समूह से ऋण लेकर सब्जी की दुकान शुरू की, जिससे उनकी मासिक आय लगभग 10 हजार रुपये है। राहील, समूह सखी, त्योड़ी तेरह, भोजपुर कृषि और पशुपालन से करीब 16 हजार रुपये प्रतिमाह कमाती हैं।

स्वयं सहायता समूहों से महिलाओं को मिली नई पहचान

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ज्योति, समूह सखी, मंडोला, लोनी ने बताया कि वह महिलाओं को समूहों से जोड़ने और जागरूक करने का काम करती हैं, जिससे उन्हें करीब 10 हजार रुपये मासिक आय होती है। सीमा, अध्यक्ष, मां गायत्री सीएलएफ, मीरपुर हिंदू, लोनी ने पशुपालन से 12 हजार रुपये प्रतिमाह आय की जानकारी दी। रानी, समूह सखी, रसूलपुर सिकरोड़ा, रजापुर ने कहा कि समूह से जुड़ने के बाद उन्हें पति के नाम से अलग अपनी पहचान मिली है और उनकी मासिक आय लगभग 20 हजार रुपये है। रजिया, बैंक सखी, डासना देहात, रजापुर ने बताया कि बैंक संबंधी कार्यों और पशुपालन से उन्हें करीब 16 हजार रुपये प्रतिमाह आय होती है।

डॉ. बबीता सिंह चौहान ने कहा कि स्वयं सहायता समूह महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और समाज में स्वतंत्र पहचान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कार्यक्रम में जिला विकास अधिकारी प्रज्ञा श्रीवास्तव, जिला प्रोबेशन अधिकारी मनोज कुमार पुष्कर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

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