गाजियाबाद (शिखर समाचार)। हाईटेक टेक्नोलॉजी का प्रयोग करते हुए नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक नगर निगम से जुड़ी सेवाओं को ऑटोमेटिक मोड पर लाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं, जिससे उनकी मॉनिटरिंग भी आसानी से की जा सके। इंदिरापुरम और कविनगर जोन में लगे बड़े एवं छोटे नलकूपों का संचालन व मॉनिटरिंग अब हाईटेक किया जा रहा है।
SCADA प्रणाली से 193 नलकूपों का संचालन होगा आसान
स्काडा (SCADA) प्रणाली के माध्यम से जलकल विभाग के 193 नलकूपों का संचालन सरल हो पाएगा। इससे कार्य में तेजी आएगी और उपकरणों की सुरक्षा भी बेहतर होगी। इस प्रणाली से नलकूपों पर होने वाली बिजली खपत का हिसाब रखना भी आसान होगा।
वोल्टेज में उतार-चढ़ाव के कारण मोटर खराब होने की समस्या में भी कमी आएगी। साथ ही पानी न आने या मोटर के अनावश्यक रूप से चलने पर सुपरवाइजर और टीम को तत्काल अलार्म के जरिए सूचना मिल सकेगी। नलकूपों का ऑटोमेटिक संचालन, यानी उनका बंद और चालू होना भी इस सिस्टम से सरल हो जाएगा।
जून से पायलट प्रोजेक्ट, तीन फर्मों ने दिया प्रेजेंटेशन
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नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि स्काडा के माध्यम से नलकूपों का संचालन अधिक सरल और प्रभावी होगा। इसके लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में निविदा आमंत्रित की जा चुकी है।
जून के प्रथम सप्ताह से कविनगर और इंदिरापुरम क्षेत्र के नलकूपों को स्काडा प्रणाली से जोड़ा जाएगा। निविदा प्रक्रिया में तीन फर्मों—एएस इलेक्ट्रिकल्स, केएमबी इलेक्ट्रिकल्स और सर्वेश बिल्डर—ने प्रेजेंटेशन दिया है, जिसमें अन्य शहरों में किए गए स्काडा कार्यों को भी प्रस्तुत किया गया।
महाप्रबंधक जल कामाख्या प्रसाद आनंद ने बताया कि प्रथम चरण में 20 से 40 एचपी के 113 नलकूप और 20 एचपी से कम के 80 नलकूपों को स्काडा प्रणाली से जोड़ा जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 10 करोड़ 54 लाख रुपये है।
बिजली खपत और मॉनिटरिंग पर रहेगा विशेष फोकस
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इस आधुनिक तकनीक के जरिए बिजली की खपत पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। अधिकारी मोबाइल के माध्यम से प्रतिदिन नलकूपों की रिपोर्ट देख सकेंगे और निर्धारित टाइमर के अनुसार नलकूप स्वतः चालू और बंद होंगे, जिससे संचालन अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन सकेगा।
