गाजियाबाद (शिखर समाचार)। हिंडन नदी के बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर आसपास के क्षेत्रों के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हिंडन नदी के किनारे बसे कई इलाके जलमग्न होने लगे हैं, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे बन गए हैं कि कई स्थानों पर बाढ़ जैसी स्थिति दिखाई देने लगी है और लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
करहैड़ा और सिटी फॉरेस्ट में भी इस समय पानी भरना शुरू हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हिंडन नदी की समय पर सफाई नहीं होने के कारण यह समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। नदी में बड़ी मात्रा में जलकुंभियां, झाड़ियां और अन्य प्रकार का कचरा जमा है, जिससे पानी के प्राकृतिक बहाव में बाधा उत्पन्न हो रही है।
इसके चलते नदी का पानी आसपास के इलाकों में फैल रहा है और निचले क्षेत्रों में जलभराव बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय-समय पर नदी की सफाई और रखरखाव का कार्य किया जाता तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
वर्ष 2022 की घटना को याद कर लोगों में बढ़ा डर
स्थानीय निवासियों ने वर्ष 2022 की घटना का भी जिक्र किया, जब हिंडन नदी में पानी छोड़े जाने के बाद आसपास के कई इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए थे। उस समय भी लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था और प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य चलाने पड़े थे।
अब एक बार फिर वैसी ही परिस्थितियां बनती दिखाई दे रही हैं, जिससे लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल है। नदी के बढ़ते जलस्तर का असर केवल रिहायशी क्षेत्रों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक स्थान भी प्रभावित हो रहे हैं।
प्रशासन से सफाई और राहत कार्य तेज करने की मांग
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गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित सिटी फॉरेस्ट में भी पानी भर गया है। जलभराव के कारण वहां आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह क्षेत्र भी प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर पानी जमा होने से आवागमन में दिक्कतें बढ़ गई हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने, हिंडन नदी की सफाई कराने और प्रभावित लोगों को राहत उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
लोगों का आरोप है कि प्रशासन की लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण स्थिति लगातार बिगड़ रही है। यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों के लोग परेशानी के माहौल में जीवन यापन करने को मजबूर हैं और प्रशासन से राहत की उम्मीद लगाए हुए हैं। हिंडन नदी की नियमित सफाई, अतिक्रमण हटाने और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने से भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से काफी हद तक बचा जा सकता है।
