गाजियाबाद (शिखर समाचार): मोबाइल टावरों से करोड़ों के उपकरण चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार
स्वाट टीम और ट्रोनिका सिटी थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मोबाइल टावरों से महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब एक करोड़ रुपये कीमत के चोरी किए गए मोबाइल टावर उपकरण बरामद किए हैं। इसके साथ ही चोरी की वारदातों में प्रयुक्त एक बीएमडब्ल्यू कार, वायर कटर, प्लास सहित अन्य उपकरण भी बरामद किए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अदानान उर्फ अज्जू, आमिर और सौरभ के रूप में हुई है। संयुक्त अभियान के दौरान ट्रोनिका सिटी क्षेत्र में मोबाइल टावर से रिमोट रेडियो यूनिट चोरी करते समय तीनों को दबोच लिया गया। पूछताछ और निशानदेही पर पुलिस ने विभिन्न स्थानों से चोरी किए गए 20 रिमोट रेडियो यूनिट, 7 बेस बैंड यूनिट और एक रेडियो रिसीवर यूनिट चेकिंग मशीन बरामद की।
एडीशनल सीपी बोले— बीबीयू और आरआरयू टावर के सबसे अहम उपकरण
संवाददाता सम्मेलन में एडिशनल सीपी राजकरन नैय्यर ने बताया कि बीबीयू (BBU) और आरआरयू (RRU) मोबाइल टावर के अत्यंत महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक उपकरण होते हैं। बीबीयू को मोबाइल टावर का दिमाग माना जाता है, जिसकी कीमत 5 से 10 लाख रुपये तक होती है, जबकि एक आरआरयू की कीमत लगभग 1.5 से 2 लाख रुपये होती है। इन उपकरणों की चोरी से दूरसंचार सेवाएं प्रभावित होने की आशंका रहती है। उन्होंने बताया कि लगातार मिल रही चोरी की सूचनाओं के बाद इस गिरोह को गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने बताया कि आरोपी आमिर के खिलाफ पहले से हत्या के प्रयास, हत्या और आर्म्स एक्ट सहित गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। वहीं अन्य आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। इस सफलता पर स्वाट टीम और ट्रोनिका सिटी पुलिस टीम को 50 हजार रुपये का नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।
कई राज्यों में फैला था गिरोह, विदेशों तक पहुंचता था चोरी का सामान
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पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे गाजियाबाद, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में मोबाइल टावरों से महंगे उपकरण चोरी कर चुके हैं। गिरोह चोरी किए गए उपकरणों की खरीद-फरोख्त करता था और उन्हें अन्य लोगों के माध्यम से विदेशों तक भेजा जाता था।
आरोपी आमिर ने बताया कि वर्ष 2023 में हत्या के एक मामले में जेल जाने के दौरान उसकी मुलाकात ऐसे लोगों से हुई, जिन्होंने उसे मोबाइल टावरों से उपकरण चोरी कर मोटा मुनाफा कमाने का तरीका बताया। जेल से छूटने के बाद उसने अदानान और अन्य साथियों के साथ मिलकर इस गिरोह को सक्रिय कर दिया। वहीं अदानान चोरी के उपकरणों की खरीद-फरोख्त करता था, जबकि सौरभ मोबाइल टावरों से उपकरण चोरी करने का काम करता था।
