करोड़ों की जमीन हड़पने की साजिश नाकाम, फर्जी दस्तावेज बनाकर संपत्ति बेचने वाले 10 अभियुक्त गिरफ्तार

Rashtriya Shikhar
3 Min Read
Plot to grab property worth crores foiled; 10 accused arrested for selling property using forged documents — IMAGE CREDIT TO POLICE

गाजियाबाद (शिखर समाचार)। थाना साहिबाबाद पुलिस ने करोड़ों की जमीन को फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेचने की साजिश का पर्दाफाश करते हुए 10 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में सुरेंद्र सिंह, रमेश पुरोहित, वेंकट बालकृष्ण धाकपड़े, सेवानिवृत्त लेखपाल सतवीर सिंह, अरुण कुमार बोडेती, राजे खान, जाकिर हुसैन, सादिक, हनुमान और अली जाफर शामिल हैं। पकड़े गए अभियुक्तों में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र के निवासी भी हैं।

फर्जी दस्तावेजों से जमीन बेचने की सुनियोजित साजिश

ALSO READ:https://zeenews.india.com/hindi/india/up-uttarakhand/ghaziabad/photo-gallery-gda-decided-in-meeting-10-crossings-widened-and-beautified-in-ghaziabad/2875019

पुलिस के अनुसार आरोपियों ने जमीन के वास्तविक मालिक के नाम पर फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाते और अन्य दस्तावेज तैयार कर संपत्ति को अवैध रूप से बेचने की योजना बनाई थी। इनके कब्जे से 1 फर्जी आधार कार्ड, 2 फर्जी पैन कार्ड, 2 बैंक पासबुक, 1 फर्जी वोटर आईडी कार्ड, 4 बैंक चेक बुक, 1 फर्जी किसान बही और 6 पासपोर्ट साइज फोटो बरामद किए गए हैं।

डीसीपी धवल जायसवाल ने बताया कि नोएडा के सेक्टर-15ए निवासी राजकुमार अग्रवाल ने 7 जून को थाना साहिबाबाद में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि ग्राम अर्थला स्थित उनकी जमीन राजस्व अभिलेखों में उनके नाम दर्ज है, लेकिन कुछ लोग फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उसे बेचने का प्रयास कर रहे हैं।

फर्जी पहचान और वीडियो बनाकर तैयार किया गया था पूरा जाल

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/the-leadership-of-ceo-rakesh-kumar-singh/

जांच में सामने आया कि गिरोह ने सुनियोजित तरीके से जमीन पर कब्जा करने और उसे बेचने की साजिश रची थी। सबसे पहले जमीन और मालिक से संबंधित दस्तावेज जुटाए गए, फिर असली मालिक राजकुमार अग्रवाल के नाम पर फर्जी पहचान पत्र, बैंक खाते और अन्य दस्तावेज तैयार किए गए।

इसके बाद एक व्यक्ति को नकली मालिक के रूप में तैयार कर उसकी वीडियो भी बनाई गई, जिसमें वह स्वयं को राजकुमार अग्रवाल बताते हुए जमीन बेचने की इच्छा जाहिर कर रहा था। इस पूरे षड्यंत्र में एक सेवानिवृत्त लेखपाल की भी महत्वपूर्ण भूमिका सामने आई है, जिसने जमीन संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने जमीन के असली दस्तावेजों को गायब दिखाने के लिए विभिन्न स्थानों पर गुमशुदगी रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। साथ ही समाचार पत्रों में सूचनाएं प्रकाशित कराकर भविष्य में कानूनी बचाव की रणनीति भी तैयार की गई थी।

मोबाइल जांच में खुला पूरा नेटवर्क

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/decorated-a-government-school-with-her-salary/

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन खंगाले, जिनमें जमीन से जुड़े दस्तावेज, पूर्व में दर्ज रिपोर्टों की प्रतियां, वीडियो और असली मालिक के परिवार से जुड़ी जानकारी मिली। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

अधिकारियों ने कहा कि इस कार्रवाई से संपत्ति संबंधी अपराधों में लिप्त संगठित गिरोहों पर प्रभावी अंकुश लगेगा और ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

Share This Article
Leave a comment