शामली (शिखर समाचार)।
जिला संयुक्त चिकित्सालय शामली में लंबे समय से बंद पड़ी मोतियाबिंद ऑपरेशन सेवा एक बार फिर शुरू हो गई है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एवं नेत्र सर्जन डॉ. मनोज कुमार अखौरी की पहल पर गुरुवार को चार मरीजों के सफल निःशुल्क ऑपरेशन कर नियमित नेत्र शल्य चिकित्सा सेवा का शुभारंभ किया गया। इससे अब जनपद के मरीजों को मोतियाबिंद के उपचार के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
जिला अस्पताल में फिर शुरू हुई मोतियाबिंद ऑपरेशन सेवा
पहले चरण में असगरी (बलवा), रेणू (नाला), वेदपाल (पिंडोरा) और सविता (बावली) के सफल ऑपरेशन किए गए। सभी मरीजों की स्थिति सामान्य बताई गई है तथा उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
डॉ. मनोज कुमार अखौरी ने बताया कि अब जिला संयुक्त चिकित्सालय में प्रत्येक गुरुवार को नियमित रूप से मोतियाबिंद के निःशुल्क ऑपरेशन किए जाएंगे। इसके लिए मरीजों को पहले नेत्र रोग विभाग में पंजीकरण कराकर आवश्यक जांच करानी होगी।
उन्होंने कहा कि अस्पताल का उद्देश्य जनपदवासियों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है, ताकि मरीजों को उपचार के लिए अन्य जनपदों में भटकना न पड़े।
ग्रामीण और कमजोर वर्ग के मरीजों को मिलेगी राहत
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उन्होंने बताया कि नियमित मोतियाबिंद ऑपरेशन सेवा शुरू होने से विशेष रूप से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। ऑपरेशन को सफल बनाने में नेत्र परीक्षण अधिकारी राजकुमार, नर्सिंग अधिकारी ओमकार, नर्सिंग अधिकारी सोनिया तथा वार्ड आया संगीता का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने पूरी टीम की सराहना करते हुए जनपदवासियों से इस निःशुल्क सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
