खतौली/मुजफ्फरनगर (शिखर समाचार)। भारतीय योग संस्थान द्वारा आयोजित पांच दिवसीय मोटापा रोग निवारण शिविर में मानव स्वास्थ्य के लिए योग के साथ-साथ संस्थान की 48 वर्षों से प्रकाशित पत्रिका ‘योग मंजरी’ के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि योग जहां व्यक्ति को शारीरिक रूप से स्वस्थ रखकर विभिन्न रोगों से मुक्ति दिलाता है, वहीं ‘योग मंजरी’ में प्रकाशित ज्ञान जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करता है।
शिविर में साधकों को संबोधित करते हुए बताया गया कि मोटापे का कारण केवल असंतुलित भोजन नहीं, बल्कि अशांत मन भी होता है। वक्ताओं के अनुसार अशांत मन पाचक अग्नि को प्रभावित करता है, जिससे भोजन का पाचन सही ढंग से नहीं हो पाता और शरीर में अतिरिक्त चर्बी जमा होने लगती है, जो आगे चलकर मोटापे सहित कई रोगों का कारण बनती है।
सरस्वती पूजन के साथ शिविर का शुभारंभ
भारतीय योग संस्थान, खतौली द्वारा स्थानीय बड़ा बाजार में आयोजित इस शिविर का शुभारंभ सरस्वती पूजन के साथ किया गया। इस अवसर पर निर्मल कुमार जैन, बाबूराम वर्मा, जगमोहन जैन सहित संस्थान से जुड़े अनेक पदाधिकारी एवं साधक उपस्थित रहे।
शिविर में प्रशिक्षित योग शिक्षकों द्वारा रोग निवारण और स्वस्थ जीवनशैली से संबंधित जानकारी दी गई तथा नियमित योगाभ्यास के लाभ बताए गए।
योग और जीवनशैली पर विशेषज्ञों का मार्गदर्शन
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संगठन मंत्री जगमोहन जैन ने योग के शरीर पर पड़ने वाले प्रभाव तथा संतुलित दिनचर्या के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिविर में पुरुषों के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिलाएं भी योगाभ्यास का लाभ ले रही हैं।
उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में भारतीय योग संस्थान से जुड़कर नियमित योग अपनाने का आह्वान किया।
शिविर के दौरान मेडिकल कैंप का भी आयोजन किया गया, जिसमें शुगर, रक्तचाप, वजन और ऑक्सीजन स्तर की निशुल्क जांच की गई। यह व्यवस्था क्षेत्रीय मंत्री राकेश गुप्ता, धीरज भार्गव, बाबूराम वर्मा, अरुण जैन, डॉ. ब्रह्मदत्त एवं अन्य पदाधिकारियों द्वारा की गई।
