गाजियाबाद (शिखर समाचार)। नगर निगम ने हाउस टैक्स व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और नागरिक हितैषी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने हाउस टैक्स से जुड़े कार्यों की समीक्षा बैठक में स्पष्ट कर दिया कि अब रेवेन्यू इंस्पेक्टर और टैक्स इंस्पेक्टर अपने स्तर पर न तो किसी करदाता का हाउस टैक्स कम कर सकेंगे और न ही बढ़ा सकेंगे। हाउस टैक्स बिलों में किसी भी प्रकार का संशोधन केवल सक्षम उच्च अधिकारियों द्वारा नियमानुसार परीक्षण के बाद ही किया जाएगा।
नगर आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सभी जोनल प्रभारी, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अनिरुद्ध सिंह, अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव तथा तकनीकी टीम के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में हाउस टैक्स वसूली बढ़ाने के साथ-साथ करदाताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विस्तार से चर्चा की गई।
हाउस टैक्स में बदलाव का अधिकार अब उच्च अधिकारियों को
नगर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि हाउस टैक्स व्यवस्था में किसी भी प्रकार की मनमानी नहीं होनी चाहिए। रेवेन्यू इंस्पेक्टर और टैक्स इंस्पेक्टर अपने स्तर से किसी भी करदाता के टैक्स में संशोधन नहीं कर पाएंगे। हाउस टैक्स बिलों में कमी या बढ़ोतरी से जुड़े मामलों की जांच सक्षम अधिकारियों द्वारा नियमों के अनुसार की जाएगी। इससे व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और करदाताओं को बेहतर सुविधा मिलेगी।
नगर आयुक्त ने मुख्य कर निर्धारण अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी वार्डों में रोस्टर बनाकर विशेष कैंप लगाए जाएं। ये कैंप सुबह 7 बजे से शुरू होंगे, ताकि अधिक से अधिक नागरिकों को सुविधा मिल सके। साथ ही वर्तमान में चल रही हाउस टैक्स छूट योजना की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश भी दिए गए हैं।
सॉफ्टवेयर अपडेट से घर बैठे देख सकेंगे टैक्स रिकॉर्ड
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बैठक में तकनीकी टीम ने हाउस टैक्स सॉफ्टवेयर, ऑनलाइन भुगतान प्रणाली और ऑनलाइन बिलिंग व्यवस्था पर प्रस्तुति दी। कई करदाताओं को ऑनलाइन भुगतान के बाद अपना लेजर और पुराने भुगतान का रिकॉर्ड देखने में परेशानी हो रही थी। इसे देखते हुए सॉफ्टवेयर को अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं।
अपडेट के बाद करदाता घर बैठे अपने वर्तमान और पूर्व में जमा किए गए हाउस टैक्स का पूरा लेखा-जोखा देख सकेंगे। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और करदाताओं को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
100 ई-पॉस मशीनों से होगी डिजिटल टैक्स वसूली
हाउस टैक्स वसूली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम ने ई-पॉस मशीनों की संख्या बढ़ाने का भी निर्णय लिया है। वर्तमान में निगम के पास 30 ई-पॉस मशीनें हैं, जिन्हें बढ़ाकर 100 किया जाएगा। इसके बाद सभी वार्डों में डिजिटल माध्यम से हाउस टैक्स की वसूली संभव हो सकेगी। नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
एक ओर जहां राजस्व संग्रह बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर नागरिकों की सुविधा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। अपर नगर आयुक्त, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी और जोनल प्रभारी रोस्टर के अनुसार विभिन्न जोनल कार्यालयों में उपस्थित रहकर करदाताओं की समस्याओं और शंकाओं का समाधान करेंगे।
नगर आयुक्त ने पार्षदों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों और निगम प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से हाउस टैक्स व्यवस्था अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनेगी।
