गाजियाबाद (शिखर समाचार)। आगामी कांवड़ यात्रा-2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से गाजियाबाद पुलिस ने व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। शुक्रवार को यातायात व्यवस्था और रोड डायवर्जन के प्रभावी संचालन को लेकर समन्वय बैठक आयोजित हुई। बैठक में पुलिस, परिवहन विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, रोडवेज, परिवहन यूनियनों, ऑटो यूनियन, पेट्रोल-डीजल एसोसिएशन तथा गैस प्लांट प्रबंधन से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कांवड़ यात्रा के लिए ट्रैफिक प्लान पर मंथन
बैठक का आयोजन एडिशनल सीपी राजकरन नैय्यर की अध्यक्षता में किया गया। इसमें पुलिस उपायुक्त यातायात, अपर पुलिस उपायुक्त यातायात, सहायक पुलिस आयुक्त यातायात, कांवड़ सेल के अधिकारी तथा यातायात निरीक्षकों सहित कई विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य कांवड़ यात्रा के दौरान संभावित यातायात दबाव को नियंत्रित करना, श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और आम नागरिकों को न्यूनतम असुविधा के साथ यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराना था। बैठक के दौरान अधिकारियों ने कांवड़ यात्रा के लिए प्रस्तावित रोड डायवर्जन योजना की विस्तृत जानकारी साझा की। सभी विभागों और संगठनों को निर्देश दिए गए कि वे निर्धारित योजना का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कांवड़ मार्गों पर यातायात प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आवश्यक सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति पर विशेष जोर
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/humorous-poetry-recitation-by-shambhu-shekhar/
बैठक में आवश्यक सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति पर विशेष जोर दिया गया। पेट्रोल, डीजल और गैस आपूर्ति से जुड़े प्रतिनिधियों को निर्देशित किया गया कि वह आपातकालीन सेवाओं और नियमित आपूर्ति को बनाए रखने के लिए केवल निर्धारित रूट मैप का ही उपयोग करें। कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच ईंधन और गैस जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लेते हुए भरोसा दिलाया कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर लागू किए जाने वाले डायवर्जन प्लान का पूरी तरह पालन कराया जाएगा। कांवड़ यात्रा के दौरान राजमार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ने की संभावना रहती है, इसलिए पूर्व निर्धारित व्यवस्था के अनुसार ही वाहनों का संचालन कराया जाएगा।
एनएचएआई हेल्पलाइन और वैकल्पिक मार्गों पर रहेगा फोकस
एनएचएआई अधिकारियों ने नागरिकों और वाहन चालकों को हेल्पलाइन नंबर 1033 के उपयोग की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर दुर्घटना, वाहन खराब होने या किसी अन्य समस्या की स्थिति में टोल-फ्री हेल्पलाइन 1033 पर सूचना दी जा सकती है। सूचना मिलते ही एनएचएआई की क्रेन और गश्ती वाहन तत्काल सहायता के लिए मौके पर पहुंचेंगे। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि भारी और व्यावसायिक वाहनों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से ही गुजरने की अनुमति दी जाएगी। इससे मुख्य कांवड़ मार्गों पर भीड़भाड़ कम होगी और श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम बनी रहेगी।
