ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। जिलाधिकारी मेधा रूपम की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में योजना की प्रगति, शासन से प्राप्त लक्ष्य और आगामी कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को पात्र लाभार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचाने तथा निर्धारित लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की प्रगति की हुई समीक्षा
जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है। सभी संबंधित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर पात्र जोड़ों के अधिक से अधिक आवेदन कराएं तथा योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के क्रियान्वयन में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और पात्र लाभार्थियों को समय पर सहायता उपलब्ध कराई जाए।
गौतमबुद्धनगर को मिला 40 जोड़ों के विवाह का लक्ष्य
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मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि जनपद गौतमबुद्धनगर को 40 जोड़ों के विवाह का लक्ष्य मिला है। इसके लिए सभी अधिशासी अधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों और जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने शासन के नए प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि अब उपहार सामग्री पर 25 हजार रुपये के स्थान पर 21 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे, जबकि पहले चांदी के सामान के लिए निर्धारित 4 हजार रुपये की राशि अब सीधे लाभार्थी कन्या के बैंक खाते में भेजी जाएगी। इससे बैंक खाते में मिलने वाली सहायता राशि 60 हजार रुपये से बढ़कर 64 हजार रुपये हो गई है। विवाह आयोजन के लिए 15 हजार रुपये की व्यवस्था पूर्ववत रहेगी। इस प्रकार प्रति जोड़ा कुल एक लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।
लंबित आवेदनों का जल्द सत्यापन कराने के निर्देश
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बैठक में बताया गया कि वर्तमान में योजना के अंतर्गत सात आवेदन लंबित हैं। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने सभी लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर सत्यापन कर समयबद्ध तरीके से विवाह संपन्न कराने तथा जनपद को आवंटित लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी, तहसीलदार जेवर प्रतीक चौहान, दादरी नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी शालिनी गुप्ता तथा समाज कल्याण विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
