गाजियाबाद (शिखर समाचार)। उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ एक बार फिर सख्त रुख अख्तियार किया है। परिषद की टीम ने सिद्धार्थ विहार योजना में सरकारी और बेशकीमती भूमि पर अवैध कब्जे के बड़े प्रयास को विफल करते हुए लगभग 3 करोड़ रुपये की जमीन को पूरी तरह कब्जा-मुक्त करा लिया है। यह कार्रवाई क्षेत्र में भू-माफियाओं और अवैध कब्जा करने वालों के बीच हड़कंप मचाने वाली है।
सेक्टर-7 में बेशकीमती जमीन पर किया जा रहा था कब्जे का प्रयास
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प्राप्त जानकारी के अनुसार, आवास एवं विकास परिषद के निर्माण खंड-2 क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सेक्टर-7 में 50 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क के किनारे यह कार्रवाई की गई। इस मुख्य मार्ग के पास लगभग 200 वर्ग मीटर की बेशकीमती भूमि खाली पड़ी थी।
अज्ञात लोगों द्वारा सोची-समझी रणनीति के तहत इस खाली जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने की कोशिश की जा रही थी। कब्जा जमाने के लिए शातिर तरीके से वहां एक चबूतरे का निर्माण किया जा रहा था और उस पर मूर्ति स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा था, ताकि धार्मिक भावनाओं की आड़ में जमीन पर स्थाई कब्जा जमाया जा सके। बाजार दरों के हिसाब से इस जमीन की वर्तमान कीमत करीब 3 करोड़ रुपये आकलित की गई है।
बुलडोजर कार्रवाई से अवैध निर्माण किया ध्वस्त
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मामले की भनक जैसे ही आवास एवं विकास परिषद के अधिकारियों को लगी, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से एक्शन प्लान तैयार किया गया। निर्माण खंड-2 की विशेष टीम ने बिना कोई देर किए मौके पर धावा बोल दिया।
परिषद की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में त्वरित कार्रवाई करते हुए वहां बनाए जा रहे अवैध चबूतरे को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इस त्वरित और मुस्तैद कार्रवाई से न केवल अवैध निर्माण को धराशायी कर दिया गया, बल्कि सरकारी भूमि पर हो रहे अतिक्रमण के प्रयास को भी विफल कर दिया गया।
अतिक्रमण के खिलाफ लगातार जारी रहेगा अभियान
कार्रवाई के बाद आवास एवं विकास परिषद के वरिष्ठ अधिकारियों ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि सिद्धार्थ विहार योजना या परिषद के किसी भी अन्य योजना क्षेत्र में अतिक्रमण या अवैध निर्माण को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक संपत्ति और परिषद की जमीनों की सुरक्षा के लिए इस तरह के नियमित अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे। सरकारी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश करने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर विधिक कार्रवाई भी की जाएगी। परिषद के इस सख्त कदम से क्षेत्र के अन्य भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों में भारी खौफ का माहौल है।
