हरिद्वार (शिखर समाचार)। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय कक्ष में जिला राजमार्ग सुरक्षा टास्क फोर्स की बैठक आयोजित हुई। बैठक में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए राष्ट्रीय राजमार्गों की सुरक्षा, अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और सड़क की स्थिति को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
राजमार्गों पर अतिक्रमण और अवैध पार्किंग रोकने के निर्देश
जिलाधिकारी ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे किसी भी दशा में अतिक्रमण न होने दिया जाए। इसके लिए गश्ती दलों को तत्काल सक्रिय करने के साथ ड्रोन सर्वे के माध्यम से अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और सड़क संबंधी खामियों की पहचान करने को कहा गया। उन्होंने परिवहन विभाग को पुलिस, प्राधिकरण और जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर संयुक्त अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाने के निर्देश दिए। मुख्य सड़क और किनारे भारी वाहनों की पार्किंग पर प्रभावी रोक लगाने तथा निर्धारित समय सीमा में सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश भी दिए गए।
हर पखवाड़े होगी राजमार्ग सुरक्षा की समीक्षा
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जिलाधिकारी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप जिला राजमार्ग सुरक्षा टास्क फोर्स प्रत्येक पखवाड़े राजमार्ग सुरक्षा की समीक्षा करेगी। बिना प्राधिकरण अथवा लोक निर्माण विभाग की पूर्व अनुमति के राजमार्ग सुरक्षा क्षेत्र में किसी प्रकार का अनुज्ञापत्र या अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी अथवा नवीनीकृत नहीं किया जाएगा। दुर्घटना संभावित स्थलों का उपचार, आपातकालीन सेवाओं और टोल-फ्री हेल्पलाइन 1033 को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।
प्रशासन ने राजमार्ग किनारे व्यापारियों और परिवहन संचालकों से सहयोग की अपील करते हुए अवैध ढाबे और कब्जे स्वयं हटाने तथा भारी वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर खड़ा करने को कहा। बैठक में नगर आयुक्त नंदन कुमार, पुलिस अधीक्षक यातायात निशा यादव, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग डीके सिंह, अधिशासी अभियंता एनएचएआई सुरेश तोमर, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
