शामली (शिखर समाचार)।
जिलाधिकारी आलोक यादव की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में उर्वरक उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि, सहकारिता, गन्ना विभाग तथा भारतीय किसान उर्वरक सहकारी लिमिटेड (इफको) से जुड़े अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में जिलाधिकारी ने किसानों को उनकी जोत के अनुरूप संतुलित मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि खाद वितरण व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी एवं सुचारु रहनी चाहिए, ताकि किसी भी किसान को परेशानी का सामना न करना पड़े।
उर्वरक वितरण व्यवस्था पर प्रभावी निगरानी के निर्देश
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिला गन्ना अधिकारी तथा सहायक निबंधक सहकारिता को निर्देशित किया कि समितियों पर उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और वितरण व्यवस्था पर प्रभावी निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा सर्वोपरि है, इसलिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाएं। जिलाधिकारी ने इफको केंद्रों पर किसानों के लिए छायादार शेड तथा स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने सभी समितियों एवं संस्थाओं पर उपलब्ध उर्वरकों की जानकारी लघु संदेश सेवा (एसएमएस) तथा समाचार पत्रों के माध्यम से समय पर किसानों तक पहुंचाने को कहा, जिससे किसानों को खाद की उपलब्धता की सही जानकारी मिल सके और उन्हें अनावश्यक रूप से इधर-उधर न भटकना पड़े।
जनपद में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है उर्वरक
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समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि जनपद में वर्तमान समय में 7122.280 मीट्रिक टन यूरिया, 1468.00 मीट्रिक टन डीएपी तथा 229.100 मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त जसाला स्थित आरक्षित भंडार गोदाम में 3245.40 मीट्रिक टन यूरिया तथा 827.75 मीट्रिक टन डीएपी का भंडारण मौजूद है। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि जनपद को इफको यूरिया की 2680.020 मीट्रिक टन क्षमता वाली एक नई रेल खेप शीघ्र प्राप्त होने वाली है, जिससे उर्वरकों की उपलब्धता और अधिक मजबूत होगी।
समयबद्ध आवंटन और परिवहन व्यवस्था पर जोर
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जिलाधिकारी ने सहकारिता विभाग को निर्देश दिए कि आवश्यकता के अनुसार आरक्षित भंडार का समयबद्ध आवंटन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निजी क्षेत्र से सहकारिता क्षेत्र को आवंटित 20 प्रतिशत उर्वरक का समय पर उठान कराने तथा प्रांतीय सहकारी संघ की परिवहन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के भी निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि परिवहन व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों से समन्वय बनाकर कार्य करने तथा वितरण व्यवस्था को पूरी तरह व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए, ताकि खेती-किसानी के कार्य प्रभावित न हों और किसानों को हर स्तर पर आवश्यक सुविधा मिल सके।
