गाजियाबाद (शिखर समाचार)। हाईटेक तकनीक को अपनाते हुए नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक गाजियाबाद नगर निगम को डिजिटल प्रणाली से जोड़ने में लगातार प्रयासरत हैं। इसी क्रम में नगर निगम कार्यालय में ई-ऑफिस प्रणाली की शुरुआत कर दी गई है। इससे अब फाइलों के भौतिक रखरखाव की समस्या से छुटकारा मिलेगा और कार्यप्रणाली अधिक तेज व पारदर्शी होगी।
ई-ऑफिस से खत्म होगा फाइलों के रखरखाव का झंझट
ई-ऑफिस प्रणाली लागू होने के बाद अब निर्माण, स्वास्थ्य, जलकल, प्रकाश और उद्यान विभाग सहित सभी विभागों की फाइलें डिजिटल माध्यम से आगे बढ़ाई जा रही हैं। इससे न केवल फाइलों के गुम होने का खतरा खत्म होगा, बल्कि किसी भी फाइल की जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सकेगी।
नगर आयुक्त के अनुसार, पहले फाइलों के भौतिक संचलन के कारण कई बार देरी और अनियमितता की संभावना बनी रहती थी, जिसे अब पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकेगा।
हर दिन 200 से अधिक फाइलों की डिजिटल प्रोसेसिंग
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/the-leadership-of-ceo-rakesh-kumar-singh/
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि निगम में प्रतिदिन लगभग 200 से अधिक फाइलों का निस्तारण विभिन्न विभागों से होकर होता है। यह फाइलें पहले लिपिक, विभागीय अधिकारी, अपर नगर आयुक्त और फिर नगर आयुक्त व महापौर कार्यालय तक अनुमोदन के लिए भौतिक रूप से जाती थीं।
ई-ऑफिस लागू होने के बाद यह पूरी प्रक्रिया अब डिजिटल हो गई है, जिससे समय की बचत के साथ-साथ कार्य में तेजी आई है।
कर्मचारियों को प्रशिक्षण और आधुनिक संसाधन उपलब्ध
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/decorated-a-government-school-with-her-salary/
ई-ऑफिस प्रणाली को सफल बनाने के लिए सभी कर्मचारियों को पहले ही विशेष प्रशिक्षण दिया गया था। इसके साथ ही हर विभाग में उच्च गुणवत्ता वाले कंप्यूटर और स्कैनर मशीनें भी उपलब्ध कराई गई हैं।
अधिकारियों का कहना है कि इस नई व्यवस्था से न केवल कार्यशैली में सुधार हुआ है बल्कि ‘वर्क फ्रॉम एनीवेयर’ जैसी सुविधाओं को भी बढ़ावा मिला है। नगर निगम इस प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।
