गाजियाबाद (शिखर समाचार)।
पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की मंडलीय समीक्षा बैठक शनिवार को लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) अतिथि गृह में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में मेरठ मंडल के उपनिदेशक, पिछड़ा वर्ग कल्याण, सभी जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी तथा विभाग के अन्य अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान दोनों विभागों की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए।
पिछड़ा वर्ग की योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की समीक्षा में छात्रवृत्ति, शादी अनुदान, ओ-लेवल एवं सीसीसी कंप्यूटर प्रशिक्षण, छात्रावास सहित अन्य योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। नरेंद्र कश्यप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शादी अनुदान और कंप्यूटर प्रशिक्षण योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र युवाओं और परिवारों को इनका लाभ मिल सके। उन्होंने जनपद स्तर पर विशेष जागरूकता अभियान चलाने पर भी बल दिया।
दिव्यांगजनों के लिए रोजगार मेले और ई-त्रिचक्र योजना पर विशेष फोकस
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दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा के दौरान दिव्यांग पेंशन, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण, मोटर चालित त्रिचक्र वाहन, दिव्यांगजन शादी अनुदान, कॉक्लियर इम्प्लांट, दुकान निर्माण योजना, जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र, समेकित विशेष विद्यालयों तथा अन्य शैक्षणिक संस्थानों की प्रगति का आकलन किया गया। मंत्री ने दिव्यांगजनों के लिए विशेष रोजगार मेलों के आयोजन, रोजगार सृजन संबंधी प्रस्ताव शासन को भेजने तथा दिव्यांगजन मेलों के माध्यम से योजनाओं का व्यापक प्रचार करने के निर्देश दिए। बैठक में यह भी बताया गया कि शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययनरत दिव्यांग छात्राओं के लिए ई-त्रिचक्र वाहन योजना शुरू की गई है, जिसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पात्र छात्राओं का शीघ्र चिन्हांकन करने के निर्देश दिए गए।
सोशल मीडिया और जनसंचार माध्यमों से बढ़ेगी योजनाओं की पहुंच
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नरेंद्र कश्यप ने कहा कि विभागीय योजनाओं का प्रचार सोशल मीडिया, समाचार पत्रों और अन्य जनसंचार माध्यमों से व्यापक स्तर पर किया जाए। साथ ही लाभार्थी सम्मान एवं वितरण समारोह आयोजित कर योजनाओं के प्रति जनजागरूकता बढ़ाई जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता, गुणवत्ता और संवेदनशीलता के साथ समय पर पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
