देहरादून (शिखर समाचार)। जनपद में ऋण और ऋण बीमा से जुड़े फर्जीवाड़े की लगातार मिल रही शिकायतों को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बुधवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपद में कार्यरत गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों और आवास वित्त कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई, जिसमें ऋण वितरण प्रक्रिया, एजेंटों की भूमिका, वसूली और फर्जीवाड़े से संबंधित मामलों की समीक्षा की गई।
फर्जी ऋण और धोखाधड़ी करने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई
जिलाधिकारी ने कहा कि लोगों की आर्थिक मजबूरी का फायदा उठाकर फर्जी तरीके से ऋण दिलाने, अनावश्यक दस्तावेज तैयार करने या एजेंटों के माध्यम से धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लीड बैंक प्रबंधक को संबंधित विभागों और वित्तीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए समिति गठित करने के निर्देश दिए। समिति संदिग्ध ऋण प्रकरणों, शिकायतों और एजेंटों की गतिविधियों की नियमित समीक्षा करेगी तथा प्रत्येक माह समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि गंभीर और संदिग्ध मामलों की आवश्यकता के अनुसार विशेष जांच दल से जांच कराई जाएगी। जांच में बैंक, वित्तीय संस्था, एजेंट अथवा किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता मिलने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई होगी। ऋण लेने वाले व्यक्ति की आर्थिक और पुनर्भुगतान क्षमता का उचित आकलन किए बिना ऋण स्वीकृत करने के मामलों को भी गंभीरता से लिया जाएगा।
वित्तीय संस्थाओं और एजेंटों का जुटाया जाएगा विवरण
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सभी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों और आवास वित्त कंपनियों से वितरित ऋण तथा लंबित वसूली मामलों की विस्तृत सूची मांगी गई है। जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारियों को अपने क्षेत्रों में कार्यबल गठित कर वित्तीय संस्थाओं, सक्रिय साहूकारों और ऋण दिलाने के नाम पर काम कर रहे एजेंटों का विवरण जुटाने के निर्देश दिए। भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि से भी संदिग्ध एजेंसियों की जानकारी साझा करने को कहा गया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, उप जिलाधिकारी मुख्यालय रविन्द्र ज्वांठा, लीड बैंक प्रबंधक राजीव भाटिया, भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि भरत कुमार सहित विभिन्न वित्तीय संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
