ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। जिम्स इंजीनियरिंग मैनेजमेंट टेक्निकल कैंपस, ग्रेटर नोएडा के विधि विभाग की ओर से महाविद्यालय के मूट कोर्ट हॉल में विद्यार्थियों के लिए विशेष मार्गदर्शन सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विधि के बदलते स्वरूप, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, विधिक प्रौद्योगिकी, आवश्यक व्यावसायिक दक्षताओं तथा कानून के क्षेत्र में उभरते रोजगार और करियर अवसरों से परिचित कराना था। कार्यक्रम जिम्स समूह के अध्यक्ष डॉ. अमित गुप्ता के संरक्षण तथा जिम्स ईएमटीसी के निदेशक प्रो. डॉ. सचिन यादव के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। विधि विभाग की विभागाध्यक्षा प्रो. डॉ. पल्लवी गुप्ता और प्रो. डॉ. ए.के. त्यागी की उपस्थिति ने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया।
विधि के क्षेत्र में तकनीकी दक्षता जरूरी : नितेश मेहरा
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता दिल्ली उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के कार्यकारिणी सदस्य अधिवक्ता नितेश मेहरा ने कहा कि विधि का क्षेत्र तेजी से तकनीकी बदलाव के दौर से गुजर रहा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और विधिक प्रौद्योगिकी ने कानूनी शोध, दस्तावेज तैयार करने, न्यायिक निर्णयों के विश्लेषण तथा विधिक सेवाओं के स्वरूप में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। उन्होंने कहा कि भावी विधि-व्यवसायियों के लिए कानूनी ज्ञान के साथ तकनीकी दक्षता, तार्किक एवं विश्लेषणात्मक क्षमता, प्रभावी संवाद, शोध, लेखन कौशल और व्यावसायिक नैतिकता आवश्यक है।
व्यावहारिक ज्ञान और कौशल आधारित शिक्षा पर जोर
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नितेश मेहरा ने विद्यार्थियों के साथ अपने न्यायालयीन एवं व्यावसायिक अनुभव साझा करते हुए न्यायालयीन अभ्यास, मुकदमे की तैयारी और विधिक शोध सहित विभिन्न करियर विकल्पों की जानकारी दी। उन्होंने परीक्षा केंद्रित अध्ययन के बजाय व्यावहारिक ज्ञान और कौशल आधारित शिक्षा पर जोर दिया। प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, विधिक प्रौद्योगिकी और करियर से जुड़े सवाल पूछे, जिनका वक्ता ने व्यावहारिक उदाहरणों से समाधान किया। कार्यक्रम का समन्वय एवं संचालन विधि विभाग के संकाय सदस्य गौरव यादव और नेहा जुनेजा ने किया।
