गांधीनगर/दिल्ली (शिखर समाचार)। डीएवी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 1 गांधी नगर दिल्ली में बैसाखी पर्व एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में भव्य कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय प्रांगण में बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन हिंदू शिक्षा समिति द्वारा संचालित एवं विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान से संबद्ध विद्यालय में किया गया, जिसमें विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं गणमान्य अतिथियों की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ एवं अतिथियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सरदार इंद्रजीत सिंह (जिला संचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, गांधी नगर) उपस्थित रहे। उनके साथ रामकरण (उपाध्यक्ष, सेवा भारती पूर्वी विभाग), विद्यालय अध्यक्ष नरेश शर्मा तथा प्रबंधक गिरजेश रस्तोगी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिससे पूरे वातावरण में गरिमा और उत्साह का संचार हुआ।
कार्यक्रम के दौरान रामकरण ने अपने संबोधन में डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन संघर्ष, शिक्षा के प्रति उनके समर्पण और सामाजिक न्याय के लिए किए गए उनके प्रयासों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विपरीत परिस्थितियों और सामाजिक भेदभाव के बावजूद अंबेडकर ने उच्च शिक्षा प्राप्त कर देश को एक सशक्त संविधान दिया। उन्होंने “शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो” के संदेश को विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक बताया और सामाजिक समानता के महत्व को रेखांकित किया।
इसके उपरांत आचार्य नरेश चौहान द्वारा प्रेरणादायक गीत “हो जाओ तैयार साथियों…” प्रस्तुत किया गया, जिसने कार्यक्रम में जोश और ऊर्जा का संचार किया।
अंबेडकर जयंती पर प्रेरणादायक विचार
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मुख्य अतिथि सरदार इंद्रजीत सिंह ने बैसाखी पर्व के धार्मिक, ऐतिहासिक और कृषि महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि बैसाखी रबी फसल के पकने की खुशी का प्रतीक होने के साथ-साथ सिख धर्म में अत्यंत पवित्र पर्व है। वर्ष 1699 में गुरु गोविंद सिंह द्वारा खालसा पंथ की स्थापना इसी दिन की गई थी, जो साहस, सेवा और एकता का प्रतीक है।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ दिल्ली प्रांत के सह बौद्धिक प्रमुख सतीश शर्मा ने जलियांवाला बाग हत्याकांड की ऐतिहासिक घटना का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को देशभक्ति और बलिदान की भावना से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि यह घटना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का महत्वपूर्ण मोड़ थी, जिसने देशवासियों में आजादी की लौ को और प्रज्वलित किया।
बैसाखी का महत्व एवं देशभक्ति का संदेश
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विद्यालय के प्रबंधक गिरजेश कुमार रस्तोगी ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को संस्कारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करते हुए राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना विकसित करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य लखीराम द्वारा सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया गया। मंच संचालन आचार्य गजराज द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया।
समग्र रूप से यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं संस्कारपूर्ण रहा, जिसमें उन्हें अपने इतिहास, संस्कृति और महान विभूतियों के जीवन से सीखने का अवसर प्राप्त हुआ।
