रबूपुरा/ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। एरिया के गांव निलौनी में रविवार को किसान कामगार यूनियन (तेवतिया) की एक अहम बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता ठाकुर राधे भाटी ने की। बैठक में मौजूद किसानों ने यमुना प्राधिकरण की नीतियों के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि संगठन के सदस्य गांव परसौल में शांतिपूर्ण तरीके से धरना प्रदर्शन और सत्याग्रह करना चाहते हैं, लेकिन जिला प्रशासन अनुमति देने से लगातार बच रहा है।
किसानों की आवाज़ दबाना लोकतंत्र की नींव हिलाने जैसा – कोषाध्यक्ष राजवीर सिंह
संगठन के कोषाध्यक्ष राजवीर सिंह ने कहा कि किसान अपनी मांगों को लेकर पिछले एक महीने से प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, मगर सुनवाई के बजाय अधिकारियों की ओर से टालमटोल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन किसानों की आवाज दबाने की कोशिश कर रहा है, जबकि संविधान ने हर नागरिक को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार दिया है।
अब न्याय की चौखट पर किसान – हाईकोर्ट से सत्याग्रह की मंज़ूरी का इंतज़ार
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राजवीर ने बताया कि संगठन ने अब इस मनमानी रवैये के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में अदालत से शांति पूर्ण धरना-प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी गई है। उन्होंने कहा कि जैसे ही कोर्ट से हरी झंडी मिलेगी, संगठन गांव परसौल में यमुना प्राधिकरण के खिलाफ सत्याग्रह शुरू करेगा। बैठक में किसानों ने एकजुटता दिखाते हुए कहा कि अब आंदोलन गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा। इस दौरान निलौनी शाहपुर गांव में संगठन के विस्तार के लिए छह सदस्यीय समिति का गठन भी किया गया, जो क्षेत्र के किसानों से संपर्क साधकर आंदोलन को मजबूत करेगी। बैठक में बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे और सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि जब तक प्राधिकरण किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं करता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
