ग्रेटर नोएडा में चिकित्सा उपकरण क्षेत्र को नई दिशा, उत्तर प्रदेश सरकार और जापान के संगठन के बीच समझौता

Rashtriya Shikhar
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A new direction for the medical equipment sector in Greater Noida; an agreement has been signed between the Uttar Pradesh government and a Japanese organization. IMAGE CREDIT TO प्राधिकरण

ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। ग्रेटर नोएडा में 6 मई को उत्तर प्रदेश सरकार और जापान के प्रमुख संगठन मेडिकल एक्सीलेंस जापान के बीच चिकित्सा उपकरण क्षेत्र को विकसित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते में प्रदेश सरकार का प्रतिनिधित्व यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) द्वारा किया गया। इसे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

मेडिकल डिवाइस सेक्टर में संयुक्त सहयोग

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समझौते के तहत दोनों पक्ष चिकित्सा उपकरण निर्माण, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए मिलकर कार्य करेंगे। यीडा द्वारा आधारभूत संरचना, भूमि आवंटन, बिजली-पानी जैसी सुविधाएं और निवेशकों को सहयोग प्रदान किया जाएगा, जबकि जापानी संगठन तकनीकी विशेषज्ञता, अनुसंधान सहयोग और जापानी कंपनियों की भागीदारी सुनिश्चित करेगा।

इस समझौते का मुख्य उद्देश्य यमुना प्राधिकरण के मेडिकल डिवाइस पार्क को अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य के रूप में विकसित करना है। इसके तहत संयुक्त शोध परियोजनाएं, आधुनिक प्रयोगशालाएं और तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जाएगा।

निवेश और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा

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समझौते के तहत संगोष्ठी, कार्यशालाएं और व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों के आदान-प्रदान जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही भारतीय और जापानी कंपनियों के बीच तकनीकी सहयोग बढ़ाया जाएगा, नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाएगा और उच्च गुणवत्ता वाले निर्माण मानकों को अपनाने पर जोर दिया जाएगा।

नवाचार को बढ़ावा देने के लिए इनक्यूबेशन सेंटर, वित्तीय सहायता कार्यक्रम, हैकाथॉन और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। जापानी विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने में मदद मिलेगी।

निगरानी के लिए संयुक्त कार्य समूह गठित

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समझौते के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक संयुक्त कार्य समूह बनाया जाएगा, जो 30 दिनों के भीतर तैयार होकर 60 दिनों में विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करेगा। यह समूह सभी गतिविधियों की निगरानी करेगा और निर्णय पारस्परिक सहमति से लिए जाएंगे।

यह समझौता 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर आपसी सहमति से इसमें संशोधन या विस्तार किया जा सकेगा। माना जा रहा है कि यह पहल उत्तर प्रदेश को चिकित्सा उपकरण निर्माण के क्षेत्र में वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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