हापुड़ (शिखर समाचार)। फर्जी डिग्री प्रकरण में उलझी मोनाड यूनिवर्सिटी पर गुरुवार सुबह एक बार फिर कार्रवाई हुई। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने हापुड़ और पिलखुवा में एक साथ चार जगहों पर छापेमारी कर कई अहम दस्तावेज कब्जे में लिए। ईडी की यह कार्रवाई फर्जी मार्कशीट और डिग्री बेचने से अर्जित काले धन की जांच से जुड़ी बताई जा रही है। अचानक हुई छापेमारी से पूरे जिले में हड़कंप मच गया।
ईडी का बड़ा सर्च ऑपरेशन: मोनाड यूनिवर्सिटी और कई ठिकानों पर छापेमारी, वित्तीय दस्तावेज जब्त
जानकारी के अनुसार ईडी की टीम ने तड़के पिलखुवा के अनवरपुर स्थित मोनाड यूनिवर्सिटी हापुड़ के अर्जुन नगर में सनी कश्यप के घर, रेलवे रोड निवासी इमरान और स्वर्ग आश्रम रोड स्थित एक अन्य कर्मचारी के यहां दबिश दी। टीम ने चारों जगहों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाया। बताया जा रहा है कि इस दौरान जांच अधिकारियों ने वित्तीय लेनदेन से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए।
उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष 17 मई को यूपी एसटीएफ ने हरियाणा के कुछ लोगों की शिकायत पर मोनाड यूनिवर्सिटी पर छापा मारकर 1372 फर्जी डिग्रियां, 262 फर्जी प्रोविजनल सर्टिफिकेट, 14 मोबाइल फोन और सात लैपटॉप बरामद किए थे। इस मामले में यूनिवर्सिटी के चेयरमैन विजेंद्र सिंह हुड्डा समेत 11 लोगों संदीप सेहरावत, मुकेश ठाकुर, नितिन कुमार सिंह, गौरव शर्मा, सनी कश्यप, इमरान, कुलदीप, विपुल और अनिल बत्रा को गिरफ्तार किया गया था।
फर्जी डिग्रियों का बड़ा कारोबार: ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग और नौकरी में गड़बड़ी की जांच शुरू की
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/ghaziabad-municipal-corporation-will-spray/
सूत्रों के मुताबिक आरोपी बीटेक, एलएलबी, बीएड और फार्मेसी जैसी डिग्रियां 50 हजार से चार लाख रुपये में बेचते थे। अब ईडी इन फर्जी डिग्रियों से अर्जित आय के स्रोत और उससे जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग की कड़ी तलाश रही है। टीम ने इस बात की भी जांच शुरू कर दी है कि किन लोगों ने इन डिग्रियों के आधार पर सरकारी या निजी संस्थानों में नौकरी हासिल की।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार अर्जुन नगर स्थित सनी कश्यप के घर ईडी अधिकारियों ने घंटों तलाशी अभियान चलाया। आसपास के इलाके में पुलिस बल की तैनाती की गई ताकि किसी प्रकार की भीड़ या विरोध न हो। देर शाम तक टीम जांच में जुटी रही और कई फाइलें व डिजिटल रिकॉर्ड अपने साथ ले गई।

जांच एजेंसी के अधिकारी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि फर्जी डिग्री से अर्जित धन किस माध्यम से ट्रांसफर किया गया और किन खातों में निवेश किया गया। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में ईडी कुछ और ठिकानों पर भी छापेमारी कर सकती है।
स्थानीय प्रशासन इस कार्रवाई को लेकर पूरी तरह सतर्क है, जबकि जिलेभर में ईडी की इस छापेमारी की चर्चा पूरे दिन बनी रही।
