बिल्डर पर किसानों की जमीन कब्जाने का आरोप, फसल रौंदने से भड़के ग्रामीण, महापंचायत में गूंजा विरोध

Rashtriya Shikhar
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Builder accused of encroaching on farmers' land; villagers enraged after crops were destroyed, protest echoed in the grand panchayat IMAGE CREDIT TO Kisan Union

रबूपुरा/ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। रौनीजा गांव में किसानों और एक निजी बिल्डर के बीच गुरुवार को उस वक्त तनाव फैल गया, जब ग्रामीणों ने बिल्डर पर जबरन जमीन कब्जाने और खड़ी फसल उजाड़ने का आरोप लगाया। किसानों का कहना है कि बिना अधिग्रहण की रकम दिए प्राधिकरण ने उनकी जमीन एक बिल्डर को आवंटित कर दी, जिसके बाद बिल्डर के कर्मचारियों ने जेसीबी और बाउंसरों की मदद से खेतों में खड़ी धान और गेहूं की फसलें रौंद डालीं। इतना ही नहीं, किसानों के बाड़े और भूसे के ढेर तक तहस नहस कर दिए गए।

किसानों का गुस्सा फूटा: राष्ट्रीय किसान यूनियन के बैनर तले प्राधिकरण और बिल्डर पर लगाए गंभीर आरोप

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इस घटना से आक्रोशित सैकड़ों किसान राष्ट्रीय किसान यूनियन के बैनर तले मौके पर जुट गए और जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। भीड़ के बढ़ते हंगामे को देखते हुए पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन गुस्साए किसानों ने पुलिस और प्राधिकरण के अधिकारियों पर बिल्डर से मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए।

किसानों ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब उनकी जमीन पर इस तरह का कब्जा किया गया हो। कुछ सप्ताह पहले भी बिल्डर ने फसल नष्ट कर जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस में शिकायत करने पर उल्टा किसानों को ही हिरासत में ले लिया गया और समझौते के लिए दबाव बनाया गया।

विधायक ने जताया सख्त रुख: किसानों की जमीन पर अवैध कब्जे पर हुई तत्काल कार्रवाई

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विरोध की बढ़ती तीव्रता को देखते हुए विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने सदर तहसील और यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ साइड पर जाकर विवादित भूमि की पैमाइश कराई और बिल्डर द्वारा कब्जाई गई जमीन को मुक्त कराया। विधायक ने स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी बिल्डर को किसानों की जमीन पर अवैध कब्जा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और भविष्य में ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई होगी।

गांव में हुई महापंचायत में किसानों ने बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई और सार्वजनिक माफी की मांग पर अड़ गए। पंचायत में बिजेंद्र सिंह, रविन्द्र सिंह, शाहिद प्रधान, जगदीश, जयवीर, श्रीचंद, प्रमोद, विनोद, कमल सिंह, भंवर सिंह, अमर सिंह, नरसिंह और चरण सिंह समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। गांव में अब भी तनाव का माहौल बना हुआ है और किसान अपने खेतों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। प्रशासनिक अमले ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

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