मेरठ (शिखर समाचार)। मेरठ परिक्षेत्र के हापुड़ जिले में कार्तिक पूर्णिमा पर आयोजित ऐतिहासिक गढ़ गंगा मेला-2025 इस वर्ष भी पूरी शांति और सौहार्द के वातावरण में सम्पन्न हुआ। लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बावजूद मेला क्षेत्र में सुरक्षा, यातायात और व्यवस्था के मोर्चे पर पुलिस प्रशासन की सजगता ने सबका दिल जीत लिया। आयोजन के बाद मेरठ रेंज के डीआईजी कलानिधि नैथानी ने पूरी रेंज की पुलिस टीम की सराहना करते हुए कहा कि गढ़ मेला में लगभग 40 लाख श्रद्धालुओं की भीड़ को बिना किसी अव्यवस्था के नियंत्रित किया गया, जो अत्यंत सराहनीय कार्य है।
सर्वदलीय समन्वय से मेला हुआ सफल: डीआईजी ने सभी विभागों और अधिकारियों की सराहना की
डीआईजी ने बताया कि मेला आयोजन को सफल बनाने में सिविल पुलिस, सशस्त्र पुलिस, पीएसी, एलआईयू, मेला सैल, होमगार्ड, प्रांतीय रक्षक दल, ग्राम प्रहरी, घुड़सवार पुलिस, NDRF, SDRF, ATS, जल पुलिस, फायर सर्विस, यातायात पुलिस, वायरलेस विभाग, तथा बाढ़ राहत कंपनी सभी ने उत्कृष्ट समन्वय के साथ कार्य किया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों, मीडिया प्रतिनिधियों, मेला समिति के पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों का विशेष आभार है, जिनकी सहभागिता और टीम भावना से यह विशाल आयोजन शांतिपूर्वक संपन्न हो सका।
इस वर्ष के कार्तिक पूर्णिमा मेले को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने महीनों पहले से तैयारियां शुरू कर दी थीं। डीएम और एसपी के कुशल नेतृत्व में सुरक्षा और यातायात से लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं तक हर मोर्चे पर व्यवस्था बेहतरीन रही। श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच किसी प्रकार की अव्यवस्था या अप्रिय घटना सामने नहीं आई।
तकनीक और सुरक्षा का कमाल: ड्रोन, आईपी कैमरे और लाइफ जैकेट से मेला हुआ दुर्घटना-मुक्त
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मेला क्षेत्र में इस बार तकनीकी निगरानी का विशेष प्रबंध किया गया था। पूरे क्षेत्र में इंटरनेट आधारित आईपी कैमरे और ड्रोन कैमरे लगाए गए, जिनसे भीड़ की हर गतिविधि पर नजर रखी गई। गंगा स्नान के दौरान नावों पर लाइफ जैकेट की उपलब्धता अनिवार्य की गई, जिससे किसी भी दुर्घटना की संभावना को समाप्त किया जा सका।
मेला नियंत्रण कक्ष में सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के लिए एडवांस सॉफ्टवेयर का प्रयोग किया गया, जिसके माध्यम से अफवाहों और अराजकता के किसी भी प्रयास को तत्काल रोका गया। रात के समय पुलिस बल को पूर्ण सतर्कता मोड पर रखा गया और वरिष्ठ अधिकारी स्वयं भ्रमणशील रहे।
त्रि-क्षेत्रीय ट्रैफिक तालमेल से श्रद्धालुओं की यात्रा बनी सुगम और सुरक्षित
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डीआईजी ने बताया कि इस बार मुरादाबाद रेंज, गाजियाबाद और दिल्ली/नोएडा ट्रैफिक पुलिस के बीच भी शानदार तालमेल देखने को मिला, जिससे आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई।
पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन की सक्रियता और पुलिस की तत्परता ने गढ़ गंगा मेला को न सिर्फ सफल बल्कि अनुशासन और समन्वय का आदर्श उदाहरण बना दिया। श्रद्धालुओं ने भी प्रशासनिक व्यवस्था की खुलकर सराहना की और कहा कि इतनी बड़ी भीड़ के बावजूद हर व्यवस्था सहज और सुगम रही।

गढ़ गंगा मेला 2025 इस बार सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं रहा, बल्कि यह उस टीम भावना, तकनीकी सतर्कता और कर्तव्यनिष्ठा का प्रमाण बना जिसने पूरे प्रदेश के लिए एक नई मिसाल कायम की।
