सहारनपुर (शिखर समाचार)। नगर निगम द्वारा आयोजित ऐतिहासिक मेला गुघाल में इस बार दर्शकों की अच्छी भीड़ उमड़ने के बावजूद दुकानदारों को अपेक्षित कारोबार नहीं मिल सका। महंगी दरों पर दुकानें लेने, बेमौसम बारिश और कम खरीदारी के कारण छोटे व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ने का दावा किया जा रहा है। दुकानदारों ने मेला चेयरमैन पर उनकी समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए आयोजन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं।
दर्शकों की भीड़ के बावजूद छोटे दुकानदारों को नहीं मिला अपेक्षित कारोबार
जाहर वीर गोगा जी महाराज की स्मृति में आयोजित होने वाला मेला गुघाल धार्मिक आस्था, सामाजिक सद्भाव और छोटे व्यापारियों की आजीविका से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। म्हाड़ी पर तीन दिन और मुख्य मेले में करीब 15 दिनों तक दुकानें लगती हैं। इस बार नगर निगम की ओर से एक वर्ष के बजाय तीन वर्ष के लिए ठेका दिए जाने और दुकानों की नीलामी में ऊंची दरें लगने की चर्चा रही। अधिक कीमत देकर दुकानें लेने वाले व्यापारियों को उम्मीद थी कि दर्शकों की भीड़ से बिक्री बढ़ेगी, लेकिन बारिश और अपेक्षाकृत कम खरीदारी ने उनकी उम्मीदों को झटका दिया।
दुकानदारों का कहना है कि मेले में लोगों की आवाजाही तो रही, लेकिन छोटी दुकानों पर बिक्री उम्मीद के अनुरूप नहीं हुई। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि मेला चेयरमैन ने आयोजन के दौरान उनके बीच पहुंचकर समस्याएं जानने की पहल नहीं की। उनका यह भी कहना है कि कुछ परिवार मेले में पहुंचने के बावजूद खरीदारी के लिए बड़े माल और प्रतिष्ठित दुकानों को प्राथमिकता देते हैं, जिससे छोटे कारोबारियों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता।
बिजली बंद होने और मेले की अवधि बढ़ाने को लेकर असमंजस
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मेले के दौरान एक वर्ग द्वारा बहिष्कार किए जाने की चर्चाएं भी रहीं। वहीं, रात करीब साढ़े 11 बजे बिजली की रोशनी बंद होने और झूलों का संचालन रुकने से मेले की अवधि बढ़ाए जाने को लेकर असमंजस बना हुआ है। सूत्रों के अनुसार, मेला आगे बढ़ाने की संभावना पर चर्चाएं चल रही हैं, हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है।
दर्शकों की मौजूदगी के बावजूद व्यापारियों को नुकसान होने की शिकायतों ने आयोजन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए हैं। दुकानदारों को उम्मीद है कि उनकी समस्याओं पर ध्यान देकर भविष्य में ऐसी व्यवस्था की जाएगी, जिससे धार्मिक परंपरा के साथ छोटे व्यापारियों की आजीविका को भी लाभ मिल सके।
