हापुड़ (शिखर समाचार)। हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में फ्रीगंज रोड स्थित क्राउन प्लाजा में हिंदी भाषा के सम्मान, संवर्धन और प्रचार-प्रसार को समर्पित कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रसिद्ध कवि एवं साहित्यकार डॉ. अनिल बाजपेयी, श्रीमती कमला गर्ल्स स्कूल की प्रधानाचार्या पारुल शर्मा तथा शिवा प्राथमिक पाठशाला की प्रधानाचार्या डॉ. सुमन अग्रवाल को पटका पहनाकर, स्मृति-चिह्न और सम्मान पत्र भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आराधना बाजपेयी ने किया। कार्यक्रम की संयोजक स्वाति मित्तल और उषा अग्रवाल रहीं।
हिंदी भाषा का महत्व और साहित्यकारों का सम्मान
अध्यक्षता करते हुए डॉ. आराधना बाजपेयी ने कहा कि हिंदी केवल भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, संस्कार और संवेदनाओं की आत्मीय अभिव्यक्ति है। हिंदी का सम्मान करना अपनी जड़ों और सांस्कृतिक पहचान का सम्मान करना है। सचिव नीरू मित्तल और कोषाध्यक्ष अर्चना कंसल ने कहा कि हिंदी को जन-जन की भाषा बनाने के लिए दैनिक जीवन में इसके प्रयोग को बढ़ाना होगा। विशिष्ट अतिथि डॉ. अनिल बाजपेयी ने कहा कि हिंदी की सबसे बड़ी शक्ति उसकी आत्मीयता और स्वीकार्यता है। यह भाषा मन से निकलकर सीधे मन तक पहुंचती है। हिंदी दिवस केवल एक दिन भाषा को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि पूरे वर्ष हिंदी के प्रति अपने दायित्व को निभाने का संकल्प लेने का पर्व है।
बच्चों में हिंदी प्रेम और कार्यक्रम की उपस्थिति
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डॉ. सुमन अग्रवाल ने कहा कि बच्चों में प्रारंभ से ही हिंदी के प्रति प्रेम और गौरव की भावना विकसित की जानी चाहिए। पारुल शर्मा ने कहा कि हिंदी हमारी भावनाओं की सहज भाषा है। विद्यार्थियों को हिंदी बोलने, लिखने और पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना आवश्यक है। कार्यक्रम में रेखा सिंह, उर्मिला शर्मा, संतोष शर्मा, रजनी बंसल, संतोष सिंघल, राजकुमारी मित्तल, बीना जिंदल, सिमरन गोयल, आशा भटनागर, संध्या कंसल, सीमा गोयल, सुषमा खन्ना, किरण गोस्वामी, सोनिया और अधिवक्ता ज्योति सहित अनेक महिलाएं एवं साहित्यप्रेमी मौजूद रहे।
