गाजियाबाद (शिखर समाचार)। पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो और निटरा के बीच पुलिस बलों की वर्दी, सुरक्षात्मक कपड़ों तथा वस्त्र आधारित अन्य उपकरणों को बेहतर बनाने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। समझौते के तहत दोनों संस्थान संयुक्त रूप से अनुसंधान एवं विकास कार्य करेंगे, जिससे पुलिस कर्मियों के लिए अधिक सुरक्षित, टिकाऊ, आरामदायक और उपयोगी उत्पाद विकसित किए जा सकें।
पुलिस वर्दी और सुरक्षात्मक परिधानों के विकास पर होगा काम
समझौता ज्ञापन पर 2 सितंबर 2026 को पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो के दिल्ली मुख्यालय में हस्ताक्षर हुए। इस साझेदारी के तहत निटरा अपनी वस्त्र अनुसंधान एवं नवाचार विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए पुलिस बलों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली वर्दी, सुरक्षात्मक परिधान, उपकरण और सहायक सामग्री के विकास में सहयोग करेगा। इसका उद्देश्य ऐसे उन्नत समाधान तैयार करना है, जो विभिन्न परिस्थितियों में पुलिस कर्मियों की सुरक्षा और कार्यक्षमता बढ़ाने में मददगार साबित हों।
टिकाऊ उत्पादों के साथ आत्मनिर्भरता को मिलेगा बढ़ावा
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समझौते का एक प्रमुख उद्देश्य पुलिस बलों के लिए उपयोग होने वाले वस्त्र उत्पादों को अधिक टिकाऊ और कार्यक्षमता के अनुरूप बनाना है। इससे पुलिस कर्मियों को बेहतर सुरक्षा उपलब्ध कराने के साथ देश में संबंधित क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
इस अवसर पर निटरा के महानिदेशक डॉ. एमएस परमार और पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो के महानिरीक्षक गोपेश अग्रवाल ने समझौता पत्र का आदान-प्रदान किया। कार्यक्रम में निटरा की डॉ. नेहा कपिल तथा पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो के संजीव त्रिखा, उषा रंगनानी, केएल पुरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। दोनों संस्थानों के बीच हुई यह साझेदारी पुलिस कर्मियों के लिए तकनीकी रूप से उन्नत वस्त्र एवं सुरक्षात्मक समाधान विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
