——-अधिकारियों को गांवों में पहुंचकर किसानों की समस्याएं सुनने और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश
गाजियाबाद (शिखर समाचार)। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ की अध्यक्षता में गुरुवार को विकासखंड भोजपुर की ग्राम पंचायत औरंगाबाद फजलगढ़ में किसान जन चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में जिलाधिकारी ने किसानों से सीधे संवाद करते हुए उनकी समस्याएं, शिकायतें और सुझाव सुने। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को किसानों की समस्याओं का शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
गांवों में पहुंचकर किसानों से संवाद करें अधिकारी
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए नियमित रूप से गांवों में पहुंचकर किसानों से संवाद किया जाए। अधिकारियों को मौके पर ही समस्याएं सुनकर नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। संबंधित विभाग आपसी समन्वय से समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें।
चौपाल के दौरान ग्राम प्रधान कोमल ने गांव की विभिन्न समस्याओं और आवश्यकताओं से जिलाधिकारी को अवगत कराया। उन्होंने ग्राम की सड़कों के जीर्णोद्धार, तालाब उपलब्ध कराने, विद्युत कनेक्शन दिलाने और विद्युत आपूर्ति सुचारु कराने सहित अन्य मांगें रखीं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
किसानों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान कराने का आश्वासन
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/town-vending-committee-meeting-in-presence/
जिलाधिकारी ने किसानों को आश्वस्त किया कि किसानों से संबंधित प्रत्येक समस्या का नियमानुसार शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराया जाएगा। उन्होंने किसानों से अपनी समस्याएं और सुझाव संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखने की अपील की, ताकि उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी दी। किसानों की आय बढ़ाने से संबंधित योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई।
किसान जन चौपाल में परियोजना निदेशक, नायब तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी पंचायत, जिला सहकारी बैंक के प्रबंधक, ग्राम प्रधान कोमल सहित बिजेन्द्र सिंह, राम कुमार, हरेन्द्र सिंह, राजवीर सिंह, धर्मपाल, सतीश, सोमेश, कामेश, सोबरन सिंह समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
