गाजियाबाद (शिखर समाचार)। शहर में निर्माण एवं विध्वंस सामग्री यानी सीएंडडी वेस्ट के बढ़ते ढेर और इससे प्रभावित हो रही वायु गुणवत्ता को लेकर नगर निगम ने सख्ती शुरू कर दी है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने निर्माण एवं संपत्ति विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर सीएंडडी वेस्ट के कलेक्शन और निस्तारण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद सड़क या साइट पर मलबा पड़ा दिखाई नहीं देना चाहिए। इसके लिए निर्माण विभाग को लगातार मॉनिटरिंग करने और लापरवाही मिलने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
450 रुपये प्रति मीट्रिक टन में मलबा उठाने की सुविधा
नगर निगम की ओर से शहरवासियों को राहत देने के लिए 450 रुपये प्रति मीट्रिक टन की दर से सीएंडडी वेस्ट हटाने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। घरों, प्रतिष्ठानों और निर्माण स्थलों से निगम की कार्यदायी संस्था द्वारा निर्माण एवं विध्वंस सामग्री उठाने का काम किया जा रहा है। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को इस सुविधा का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए हैं, ताकि लोग मलबा सड़कों, खाली भूखंडों या सार्वजनिक स्थानों पर फेंकने के बजाय निगम की निर्धारित व्यवस्था का इस्तेमाल करें।
बैठक में संपत्ति विभाग की टीम ने नगर निगम की ओर से संचालित सीएंडडी वेस्ट प्लांट और विभिन्न स्थानों पर बनाए गए कलेक्शन प्वाइंट की जानकारी नगर आयुक्त को दी। वहीं निर्माण विभाग की टीम ने सभी जोन में सीएंडडी वेस्ट कलेक्शन बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों और प्रगति की रिपोर्ट प्रस्तुत की। नगर आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि कलेक्शन प्वाइंट की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाई जाए, जिससे निर्माण सामग्री के अवैध निस्तारण पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
सड़क पर मलबा डालने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई
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नगर आयुक्त ने निर्माण विभाग के ठेकेदारों को भी सख्त निर्देश दिए कि किसी भी निर्माण कार्य के पूरा होने के बाद वहां जमा सीएंडडी वेस्ट को हटाने में देरी नहीं होनी चाहिए। सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर अवैध रूप से निर्माण सामग्री डालने वालों के खिलाफ चालान और अन्य कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा सड़कों या निगम की जमीन पर अवैध रूप से निर्माण सामग्री बेचने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। नगर आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि सीएंडडी वेस्ट के निस्तारण की व्यवस्था को प्रभावी बनाने के साथ-साथ इसकी निगरानी भी लगातार की जाए। शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए निर्माण एवं विध्वंस सामग्री का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण बेहद जरूरी है। निगम की टीम को यह सुनिश्चित करना होगा कि निर्माण स्थलों से निकलने वाला मलबा खुले में न पड़ा रहे और न ही उसे सड़कों पर फेंका जाए।
बैठक में अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव, अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी, प्रभारी संपत्ति चंद्रकांता सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में नगर निगम ने शहर की वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए सीएंडडी वेस्ट के अवैध निस्तारण पर प्रभावी कार्रवाई और अधिक से अधिक कलेक्शन सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
