हापुड़ (शिखर समाचार) कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी कविता मीना की अध्यक्षता में पंचायत सम्मेलन-2047 एवं ग्राम गौरव योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे आदर्श स्थल विकसित करने पर चर्चा की गई, जिनसे गांव की पहचान बने और आमजन को सीधे लाभ मिल सके।
जिलाधिकारी ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्थानीय जरूरतों के अनुसार एक आदर्श स्थल विकसित करने के प्रस्तावों की समीक्षा की। इनमें पुस्तकालय, खेल मैदान, सामुदायिक शौचालय, सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था और डिजिटल सेवा केंद्र जैसे कार्य शामिल हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों में ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाए, जिनका अधिक से अधिक ग्रामीणों को स्थायी लाभ मिल सके।
पंचायत सम्मेलनों में बढ़ेगी ग्रामीणों की भागीदारी
बैठक में पंचायत सम्मेलन के माध्यम से ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, स्वयं सहायता समूहों और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक समस्याओं को स्थानीय स्तर पर चिन्हित कर उनके समाधान के लिए ठोस प्रस्ताव तैयार किए जाएं। पंचायत स्तर पर होने वाले सम्मेलनों में ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित कर उनकी आवश्यकताओं और सुझावों को विकास योजनाओं में शामिल किया जाए।
विकसित गांव ही विकसित भारत का आधार
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जिलाधिकारी ने कहा कि विकसित भारत का आधार विकसित गांव हैं। ग्राम गौरव योजना के अंतर्गत ऐसे विकास कार्यों का चयन किया जाना चाहिए, जो गांव की विशिष्ट पहचान बनें और ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएं। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जनभागीदारी पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
